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‘साउथ चाइना सी’ में जंगी जहाज भेजने पर अमेरिका से भिड़ा चीन, राजदूत को तलब कर लगाई फटकार

चीन के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को अपनी वेबसाइट पर लिखा, ''एग्‍जीक्‍यूटिव वाइस मिनिस्‍टर झांग येसुई ने मैक्‍स बॉकस से स्‍प्‍ष्‍ट शब्‍दों में कहा कि हमारे विरोध के बाद अमेरिका ने चीन की संप्रभुता को चुनौती दी है। यह बर्दाश्‍त के काबिल नहीं है।

साउथ चाइना सी। (फाइल फोटो)

‘साउथ चाइना सी’ अमेरिकी जंगी जहाज ‘यूएसएस लासेन’ को लेकर वॉशिंगटन के साथ चल रही चीन की तू-तू, मैं-मैं और बढ़ गई है। खबर है कि चीन ने अमेरिकी राजदूत को समन कर कड़ी फटकार लगाई है। कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, चीन ने अमेरिकी राजदूत मैक्‍स बॉकस से पूछा कि गाइडेड मिसाइल डेस्‍ट्रॉयर जंगी जहाज उनके कृत्रिम द्वीप के पास क्‍यों मंडरा रहा था? चीन ने इस मुद्दे पर आधिकारिक तौर पर विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि यह बेहद गंभीर विषय है।

चीन के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को अपनी वेबसाइट पर लिखा, ”एग्‍जीक्‍यूटिव वाइस मिनिस्‍टर झांग येसुई ने मैक्‍स बॉकस से स्‍प्‍ष्‍ट शब्‍दों में कहा कि हमारे विरोध के बाद अमेरिका ने चीन की संप्रभुता को चुनौती दी है। यह बर्दाश्‍त के काबिल नहीं है।

चीन इससे पहले भी अमेरिका को चेतावनी दे चुका है। दरअसल, ‘साउथ चाइना सी’ के विवादित क्षेत्र में चीन कृत्रिम द्वीप बना रहा है। इसे लेकर वियतनाम और मलेशिया समेत कई देशों के साथ उसका तनाव चल रहा है, लेकिन चीन इसका निर्माण रोक नहीं रहा है। सीधे शब्‍दों में कहें तो अमेरिका ने चीन की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। दूसरी ओर अमेरिका ने भी कड़े तेवर अख्तियार कर लिए हैं, उसका कहना है कि वह विवादित क्षेत्र में यूएस नेवी पी.8, सर्विलांस प्लेन और संभवतः पी.3 सर्विलांस प्लेन की भी तैनाती करेगा। अमेरिका का कहना है कि वह ‘साउथ चाइना सी’ के पूरे विवादित क्षेत्र की निगरानी करेगा। अमेरिकी जंगी जहाज इसी 12 समुद्री मील के दायरे के निकट पहुंच गया है और वह घंटों तक तैनात रहेगा।

पीछे नहीं हटेगा अमेरिका

अमेरिका के एक रक्षा अधिकारी ने कहा कि युद्धपोत ने आज सुबह सुबी के पास से यह यात्रा शुरू की। यह युद्धपोत गाइडेड मिसाइलों को तबाह रखने की ताकत रखता है। अमरीकी डिफेंस अधिकारियों का कहना है कि इससे युद्धपोत के अलावा यूएस नेवी पी.8, सर्विलांस प्लेन और संभवतः पी.3 सर्विलांस प्लेन भी भेजे जाएंगे। ये सभी विवादित इलाके की निगरानी करेंगे। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता ल्‍यू कांग ने कहा कि अमेरिकी जंगी जहाज हमारे कृत्रिम द्वीप के बेहद करीब आ गया था। उन्‍होंने वॉशिंगटन को धमकी देते हुए कहा कि चीन ऐसी किसी भी कार्रवाई को बर्दाश्‍त नहीं करेगा। ‘साउथ चाइना सी’ एनर्जी रिसोर्सेस से भरपूर है। इस क्षेत्र में हर साल करीब 7 ट्रिलियन डॉलर का बिजनेस किया जाता है। यही कारण है कि चीन के साथ वियतनाम, मलेशिया, इंडोनेशिया, ताइवान और ब्रुनेई भी साउथ चाइना सी पर अपना-अपना हक जताते हैं।

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