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500-500 किलो के सुअर! जानें इतने भारी भरकम जानवर क्यों पालने में जुटा चीन?

सुअर का मांस चीन का मुख्य खाद्य पदार्थ है और देश के मांस उत्पादन का 60 प्रतिशत से अधिक है। बीते कुछ समय में सुअरों के बढ़ते दाम और मौत के कारण चीनी अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई है।

Author Updated: October 7, 2019 3:48 PM
सुअर का मांस चीन का मुख्य खाद्य पदार्थ है।

चीन में पोर्क की कमी के चलते किसान 500-500 किलो के सुअर पाल रहे हैं। चीन में अफ्रीकन स्वाइन फ्लू के चलते बीते एक साल में एक तिहाई सुअरों की मौत हो चुकी है। पोर्क की कमी और बढ़ते दाम को देखते हुए चीन के दक्षिणी क्षेत्रों में किसान भारी भरकम सुअर पाल रहे हैं। चीन में पोर्क की कमी से किसानों की आजीविका को खतरा है। किसानों का मानना है कि 400 से 500 किलो ग्राम का सुअर साधारण वजन (130 से 140) वाली ब्रीड से ज्यादा फायदेमंद है। इनका साइज एक आम ध्रुवीय भालू जितना है।

ब्लूमबर्ग में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ किसान अधिक पैसे के लिए बड़े सुअरों के लिए ब्रीडिंग का तरीका अपना रहे हैं। बूचड़खानों में कुछ बड़े सुअरों की बिक्री औसत सुअरों के मुकाबले ज्यादा होती है इसी को ध्यान में रखकर सुअर पालने के चलन में बदलाव आया है। बता दें कि एशियाई देशों में स्वाइन फ्लू का प्रकोप दुनिया भर में पोर्क की कीमतों को और बढ़ा सकता है। वहीं चीन में पोर्क की कीमतों में बीते एक साल के दौरान 47 प्रतिशत का उछाल आया है जो कि आगे और भी बढ़ सकता है। चीन दुनिया के आधे से अधिक पोर्क का उत्पादन और उपभोग करता है।

सुअर पालने वाले किसान झाओ हेलिन ने बताया कि ‘जिलिन के उत्तरपूर्वी प्रांत में पोर्क की ऊंची कीमतों की वजह से किसान साइज में बड़े सुअर पाल रहे हैं। किसान 175 किलो ग्राम से 200 किलोग्राम के सुअर पाल रहे हैं जो कि औसतन सुअर (125 किलोग्राम) के वजन से ज्यादा है। किसान सुअर को इस तरह से पाल रहे हैं ताकि वह साइज में ज्यादा से ज्यादा बड़े हों।’

वहीं चीनी वाइस प्रीमियर हू चुनहुआ ने चेतावनी दी है कि 2020 की पहली छमाही तक पोर्क आपूर्ति की स्थिति “बेहद गंभीर” होगी। चीन इस साल 10 मिलियन टन पोर्क की कमी का सामना करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक किसान ही नहीं बल्कि चीन की दिग्गज प्रोटीन प्रोड्यूसर और पिग (सुअर) ब्रीडर वेन्स फूडस्टफ्स कोफको मीट और बीजिंग डाबिनॉन्ग टेक्नलॉजी ने भी कहा है कि वह सुअरों के वजन को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

बता दें कि सुअर का मांस चीन का मुख्य खाद्य पदार्थ है और देश के मांस उत्पादन का 60 प्रतिशत से अधिक है। बीते कुछ समय में सुअरों के बढ़ते दाम और मौत के कारण चीनी अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हुई है।

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