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दक्षिण चीन सागर मुद्दे पर चीन-फिलीपीन में पर्दे के पीछे बातचीत

चीनी सरकार के शीर्ष नेताओं के साथ रामोस का रिश्ता है और इसके चलते फिलीपीन के राष्ट्रपति रोद्रिगो दुतेर्ते ने उन्हें विशेष दूत बनाया है।

Author बीजिंग | August 13, 2016 21:04 pm
विवादित दक्षिण चीन सागर (एससीएस) से गुजरता चीनी तटरक्षक बल का जहाज। (REUTERS/Nguyen Minh/File Photo)

फिलीपीन के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल रामोस ने हांगकांग की अपनी यात्रा के दौरान चीनी अधिकारियों से मुलाकात के बाद दक्षिण चीन सागर मुद्दे के हल के लिए औपचारिक वार्ता का आह्वान किया है। यह आह्वान अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण के फैसले में दक्षिण चीन सागर पर चीन का दावा खारिज किए जाने के बाद आया है। चीनी सरकार के शीर्ष नेताओं के साथ रामोस का रिश्ता है और इसके चलते फिलीपीन के राष्ट्रपति रोद्रिगो दुतेर्ते ने उन्हें विशेष दूत बनाया है। उन्होंने पिछले कुछ दिनों के अंदर चीन की नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की विदेशी मामलों की समिति के अध्यक्ष फू यिंग और नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एससीएस स्टडीज के अध्यक्ष वू शिकुन के साथ मुलाकात की है।

हांगकांग की पांच दिन की यात्रा के समापन पर 88 वर्षीय रामोस ने कहा कि चीन के पूर्व विदेश उपमंत्री फू और दक्षिण चीन सागर विवाद के विशेषज्ञ वू के साथ उनकी मुलाकात ‘निजी हैसियत’ में हुई है लेकिन साथ ही कहा कि फिलीपीन चीन के साथ अतिरिक्त तनाव से बचने और कुछ क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग की इजाजत देने के लिए उसके साथ औपचारिक वार्ता करना चाहता है।

हांगकांग की मीडिया की रिपोर्टों में बताया गया है कि उन्होंने कहा कि सीमा विवाद के समाधान के लिए चर्चा की जाएगी, ‘लेकिन हम अभी नहीं जानते कि कहां होगी। हमें आधिकारिक स्तर पर नवीनतम घटनाक्रम का पता लगाने के लिए वापस फिलीपीन जाना होगा।’ बातचीत पर चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने शनिवार (12 अगस्त) रात कहा कि ‘हमने रेखांकित किया कि फू यिंग और वू शिसुन ने हांगकांग में अपने पुराने मित्र रामोस से मुलाकात की। हम उम्मीद करते हैं कि यह अपनी वार्ता फिर से शुरू करने और रिश्ते सुधारने में चीन और फिलीपीन को मदद करेगी।’

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