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12,000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाला प्लेन बना रहा चीन, पलक झपकते बरसाएगा न्यूक्लियर बम!

दुनिया में इस तरह का यह सबसे बड़ा सेटअप होगा, जो बमों व मिसाइलों की टेस्टिंग 11 हजार एक सौ किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर कर सकेगा।

चीन में सरकारी चैनल पर आठ अक्टूबर को इस हायपरसॉनिक स्ट्राइक करने वाला विमान की पहली झलक दिखाई गई थी। (फोटोः सीसीटीवी)

चीन इस समय एक खास विमान बनाने में जुटा है। कहा जा रहा है कि यह विमान 12 हजार 360 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफर तय कर सकेगा। पलक झपकते ही इसमें न्यूक्लियर बम और मिसालइलें बरसाने की क्षमता होगी। यह हायपरसॉनिक स्ट्राइक करने वाला विमान अमेरिकी के जंगी बेड़ों से लोहा लेने में सक्षम होगा। सरकारी चैनल पर बीते महीने विमान की पहली झलक देखने को मिली थी। डॉक्यूमेंट्री में यहां की जेएफ-12 हायपरसॉनिक हवाई सुरंग का जिक्र था। न्यूक्लियर हथियारों के एक विशेषज्ञ का कहना है कि विमान का मॉडल चीन केडीएफ-जेडएफ (DF-ZF) जैसा है, जो ध्वनि की तेजी से दस गुणा रफ्तार में सफर तय कर सकता है। यह विमान अमेरिका के सुरक्षाबलों और उनकी बैलिस्टिक मिसाइलों को लोहे के चने चबवा सकता है।

ऐसा माना जा रहा है कि दुनिया में इस तरह का यह सबसे बड़ा सेटअप होगा, जो बमों व मिसाइलों की टेस्टिंग 11 हजार एक सौ किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर कर सकेगा। ‘सीसीटीवी’ पर आठ अक्टूबर को विमान से जुड़ी क्लिप दिखाई गई थी, जिसमें विमान बीजिंग की हवाई सुरंग में नजर आ रहा था। इसके आगे का हिस्सा तीर जैसा है। चीन के अधिकारियों ने 2013 से अब तक इसकी कई बार टेस्टिंग किए जाने के बारे में पुष्टि की है। लेकिन इस पर ज्यादा जानकारी नहीं जारी की है।

क्लिप में इसके अलावा एक और हथियार भी दिखाया गया था, जो दिखने में बैलिस्टिक मिसाइल के आखिरी चरण के जैसा था। न्यूक्लियर हथियारों के विशेषज्ञ रेमंड वैंग ने बताया कि चीन में आठ अक्टूबर को वीडियो में एक हायपरसॉनिक बीजीवी दिखाया गया था। जहां तक यह टेस्ट मॉडल है, लेकिन जितना उन्हें पता है यह उस विमान की पहली तस्वीरें हैं। चीन के इस विमान को बनाने पर विशेषज्ञों का मानना है कि इसके जरिए वह अमेरिका से सुरक्षा तंत्र को कड़ी चुनौती दे सकता है। हायपरसॉनिक विमान तेजी से सफर करते हैं और पल भर में वे किसी भी देश के लिए मुसीबत बन सकते हैं।

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