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चीन एक बढ़ती सैन्य शक्ति, भारत, जापान भी आगे बढ़ रहे हैं: अमेरिका

अमेरिका ने विवादित दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में चीन की गतिविधियों पर चिंता जताते हुए कहा कि चीन एक बढ़ती सैन्य शक्ति है और भारत एवं जापान भी अपनी सैन्य ताकत...

Author वॉशिंगटन | November 8, 2015 12:40 AM
अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर। (रॉयटर्स फोटो)

अमेरिका ने विवादित दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में चीन की गतिविधियों पर चिंता जताते हुए कहा कि चीन एक बढ़ती सैन्य शक्ति है और भारत एवं जापान भी अपनी सैन्य ताकत बढ़ाकर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने हवाई में एक अमेरिकी सैनिक के सवाल के जवाब में कहा, ‘‘चीन इस क्षेत्र में एक बढ़ती सैन्य शक्ति है। यह स्वभाविक है। वह एक बड़ा देश है। यह देश खुद को आर्थिक रूप से विकसित करने की कोशिश कर रहा है।’’

कार्टर एशिया का दौरा पूरा कर वापस लौट रहे थे और इस दौरान हवाई में थे। उन्होंने कहा कि चीन एकमात्र देश नहीं है। जापान भी क्षेत्र में अपनी रक्षा ताकत बढ़ा रहा है, भारत भी ऐसा कर रहा है। बहुत सारे देश अमेरिका से अपने साथ काम करने के लिए कह रहे हैं क्योंकि वे शांति बनाए रखने वाले क्षेत्रीय संरचना का हिस्सा बनना चाहते हैं।

दक्षिण चीन सागर में चीन के दावे वाले समुद्र क्षेत्र में पिछले हफ्ते अमेरिकी मिसाइल विध्वंसक को लेकर अमेरिका एवं चीन के बीच जारी गतिरोध के बीच कार्टर ने कहा कि इसमें कोई सवाल नहीं है कि अमेरिका का चीन के साथ कुछ बिंदुओं पर विवाद है और वे जो कर रहे हैं उस पर उसे आपत्ति है।

कार्टर ने कहा, ‘‘हम और बहुत सारे देश दक्षिण चीन सागर में उनकी (चीन) गतिविधियों को लेकर चिंतित हैं। हमने दक्षिण चीन सागर में भूमि पर दोबारा दावा कर रहे, सैन्यीकरण में शामिल चीन एवं दूसरे देशों से ऐसा स्थायी रूप से रोकने के लिए कहा है। हमें लगता है कि सभी को उसे रोक देना चाहिए और उन सभी चीजों का कूटनीतिक रूप से हल करना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने निश्चित रूप से कहा है और ऐसा प्रदर्शित करता रहूंगा कि अमेरिका अपनी ओर से दक्षिण चीन सागर से लेकर आर्कटिक तक हर जगह जहां अंतरराष्ट्रीय कानून मंजूरी देता है उड़ान भरता रहेगा, जल क्षेत्र में जाता रहेगा और संचालन करता रहेगा, इसमें बदलाव होने नहीं जा रहा।’’

दक्षिण चीन सागर में अमेरिका के यूएसएस लासेन भेजने की चीन ने कड़ी निंदा करते हुए कहा था कि उसकी संप्रभुता का उल्लंघन किया गया और उसने अमेरिका को ‘खतरनाक कार्रवाइयां’ ना करने की चेतावनी दी थी।

अमेरिकी रक्षा मंत्री ने अपनी टिप्पणियों में दोहराया कि क्षेत्र में अमेरिकी की मौजूदगी ने दशकों से शांति सुनिश्चित की है और इसने चीन के उदय में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। उन्होंने कहा, ‘‘देखिए वहां क्या हुआ। जापान द्वितीय विश्वयुद्ध के मलबे से उठा और प्रगति की। फिर ताइवान, दक्षिण कोरिया, दक्षिणपूर्व एशिया और अब चीन एवं भारत (ऐसा कर रहे हैं)।’’

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