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आतंकवाद के खिलाफ भारत-चीन की संयुक्त लड़ाई का होगा असर: राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी

चीन जैश-ए-मोहम्मद सरगना और पठानकोट हमले के मास्टर माइंड मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र के आतंकियों की सूची में शामिल करने को लेकर भारत के संपर्क है।
Author बीजिंग | May 20, 2016 00:15 am
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की अपील के जवाब में आतंकवाद निरोधक द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने की इच्छा जाहिर की।

चीन जैश-ए-मोहम्मद सरगना और पठानकोट हमले के मास्टर माइंड मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र के आतंकियों की सूची में शामिल करने को लेकर भारत के संपर्क है। इसके साथ ही चीन ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की अपील के जवाब में आतंकवाद निरोधक द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने की इच्छा जाहिर की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता होंग लेई ने बताया कि आतंकवाद रोधी स्थिति में काफी बदलाव हुआ है। चीन, भारत और सभी देशों ने आतंकवाद निरोध के प्रति व्यापक इच्छा दिखाई है। उन्होंने कहा, आतंकवाद से लड़ने में चीन और भारत का अहम साझा हित और साझा रुचि है। चीन आतंकवाद निरोध पर भारत के साथ संचार और सहयोग बढ़ाना चाहता है। अजहर को प्रतिबंधित किए जाने के मुद्दे पर हांेग ने कहा कि चीन भारत से करीबी संपर्क रखे हुए है।

गौरतलब है कि होंग का यह बयान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की टिप्पणी के जवाब में आया है। 24 मई से 27 बीच के बीच चीन की अपनी यात्रा से पहले सीसीटीवी को दिए एक साक्षात्कार में मुखर्जी ने कहा था कि भारत और चीन यदि आतंकवाद की बुराई से लड़ने में वे साथ हो जाएं, तो इसका अपना प्रभाव होगा।

संयुक्त राष्ट्र के घोषित आतंकवादियों की सूची में मसूद अजहर का नाम शामिल कराने की भारत की कोशिश को हाल ही में चीन ने वीटो कर दिया था। इसके बाद चीन की यह टिप्पणी टिप्पणी मायने रखती है।

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