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चीन फिर बना जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर का मददगार, यूएन में नहीं घोषित होने दिया आतंकी

चीन ने एक बार फिर सयुंक्त राष्ट्र (यूएन) में आंतकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आंतकी घोषित कराने के लिए यूएस, फ्रांस और ब्रिटेन के प्रस्ताव पर रोक लगा दी है।

जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर (फाइल फोटो)

चीन ने एक बार फिर सयुंक्त राष्ट्र (यूएन) में आंतकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आंतकी घोषित कराने के लिए यूएस, फ्रांस और ब्रिटेन के प्रस्ताव पर रोक लगा दी है। पाकिस्तानी आतंकी को यूएन में वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने के सवाल पर चीन ने कहा कि वो समय आने पर इसपर फैसला करेगा। जिसके तहत प्रस्ताव के किसी भी फैसले पर तीन महीने तक रोक लगाने का समर्थन किया है। दूसरी तरफ इंडिया टुडे ने गृह मंत्रालय के हवाले से बताया कि चीन ने प्रस्ताव पर इस साल फरवरी महीने में रोक लगाई थी। हालांकि इस महीने प्रस्ताव की दोबारा समीक्षा होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि ऐसा पहली बार नहीं है जब चीन ने आतंकी मसूद अजहर को वैश्विक आंतकी घोषित कराने के प्रस्ताव में टांग ना अड़ाई हो। साल 2016 में भी चीन ने इस प्रस्ताव का विरोध किया था। जिसके बाद गृह मंत्रालय ने लिखित जवाब में कहा था कि हमने कई बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 समिति को चीन के रूख से अवगत कराया है। इस बार चीन ने किसी तकनीकी कारण का हवाला देते हुए पहले प्रस्ताव पर तीन महीने के लिए रोक लगाई थी। इससे पहले छह महीने तक मसूद पर किसी भी फैसले ने को टाल दिया था।

बता दें कि भारत ने इस बार अजहर मसूद को वैश्विक आंतकी घोषित कराने के लिए अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के सहयोग से इस साल 19 जनवरी को यूएन में प्रस्ताव पेश किया था। जिसपर दो फरवरी को चीन ने छह महीने के लिए रोक लगा दी है। इस बार चीन ने तकनीकी कारणों का हवाला देकर एक बार फिर प्रस्ताव पर रोक लगा दी। इससे पहले बुधवार को चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि वो समय आने पर इसपर फैसला करेगा।

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