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बेपटरी अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए चीन बांट रहा अरबों रुपये का कूपन, उपभोक्ता मांग बढ़ाने के लिए आयोजित कर रहा 400 कार्यक्रम

चीन सरकार कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे हुबेई प्रांत में बंद पड़ी आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र बीजिंग | Updated: June 7, 2020 2:42 PM
चीन ने कठिन लॉकडाउन के बाद कोरोना के मामलों पर काबू पा लिया था।

कोरोनावायरस महामारी का असर चीन से शुरू होकर पूरी दुनिया तक फैल चुका है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोरोना के अब तक करीब 70 लाख केस सामने आ चुके हैं। लॉकडाउन की वजह से ज्यादातर देशों की अर्थव्यवस्था डगमगाई है। ऐसे में बिजनेस और उद्योगों को लगातार नुकसान हो रहा है। हालांकि, दुनिया को कोरोना का दर्द देने के बाद चीन खुद इस समस्या से लगभग आजाद हो चुका है। लेकिन अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना अभी भी बड़ी चुनौती है। इसके लिए चीनी सरकार अब अपने नागरिकों को कूपन बांट रही है। इसके जरिए वह अपने प्रोडक्ट्स की खपत बढ़ाना चाहता है, ताकि उत्पादन और बिक्री का चक्र एक बार फिर शुरू हो सके।

चीनी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मई तक सरकार 19 अरब युआन (करीब 20 हजार करोड़ रुपए) से ज्यादा के कूपन बांट चुकी थी। शनिवार को बीजिंग में एक बार फिर 12 अरब युआन (करीब 13 हजार करोड़ रुपए) के कूपन बांटने के लिए वेबसाइट पर डाले गए। इन कूपनों के जरिए चीन में लोग सस्ते दामों पर उत्पादों को खरीद पाएंगे और होटलों में भी छूट के साथ खाना खा पाएंगे।

देश में क्या हैं कोरोना से हाल, जानें…

बताया गया है कि चीन की एक ई-कॉमर्स कंपनी ने शनिवार से कूपन बांटने शुरू भी कर दिए हैं। अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए कूपन बांटने के कार्यक्रम अक्टूबर तक चलेंगे। इसके अलावा उपभोग बढ़ाने के लिए चीन कैटरिंग, रिटेल, टूरिज्म, एजुकेशन और स्पोर्ट्स से जुड़े 400 कार्यक्रम आयोजित करने वाला है। इसका मकसद सिर्फ लोगों की खरीदने की क्षमता बढ़ाना है, ताकि अर्थव्यवस्था में लिक्विडिटी दोबारा बढ़े और उद्योगों में उत्पादन की दर फिर से पुराने समय पर लौट सके।

गौरतलब है कि चीन में दिसंबर में ही कोरोना के मामले सामने आने शुरू हो गए थे। हालांकि, इसका खुलासा जनवरी में किया गया। चीन के हुबेई प्रांत में स्थित वुहान शहर हजारों केस आने के बाद दो महीने तक लॉकडाउन में रहा। हालांकि, बाद में चीन ने कड़े प्रतिबंधों और टेस्टिंग के जरिए केसों को 84 हजार पर रोक लिया। चीन में अभी तक संक्रमण से 5 हजार से भी कम मौतें हुई हैं। हालांकि, इन उपलब्धियों के बावजूद अलग-अलग देशों के व्यापार बंद होने और लॉकडाउन में लोगों के बाहर न निकलने से चीन की अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ है।

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