ताज़ा खबर
 

पीओके में आर्थिक गलियारे पर चिंता को चीन ने नकारा

चीन ने कहा, ‘‘कश्मीर के क्षेत्र के स्वामित्व का मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच का है जिसका इतिहास है और इसका समाधान दोनों पक्षों के बीच बातचीत एवं विचार-विमर्श के माध्यम से होना चाहिए।’’
Author बीजिंग | January 13, 2016 01:30 am
चीन ने कहा, ‘‘कश्मीर के क्षेत्र के स्वामित्व का मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच का है जिसका इतिहास है और इसका समाधान दोनों पक्षों के बीच बातचीत एवं विचार-विमर्श के माध्यम से होना चाहिए।’’

चीन ने 46 अरब डॉलर के आर्थिक गलियारे की परियोजना के पीओके के हिस्से को लेकर अपनी आपत्तियों से संबंधित खबरों को तवज्जो नहीं देने का प्रयास करते हुए मंगलवार को कहा कि इस परियोजना से कश्मीर विवाद पर संबंधित पक्षों के रुख प्रभावित नहीं होंगे। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता होंग ली ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कश्मीर के क्षेत्र के स्वामित्व का मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच का है जिसका इतिहास है और इसका समाधान दोनों पक्षों के बीच बातचीत एवं विचार-विमर्श के माध्यम से होना चाहिए।’’

उन्होंने उन खबरों की पृष्ठभूमि में पूछे गए सवाल के जवाब में यह बात कही जिनमें कहा गया है कि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे के संदर्भ में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के ‘विवादित दर्जे’ को लेकर बीजिंग ने चिंता जताई है। यह गलियारा 3,000 किलोमीटर का है और यह पीओके से होकर गुजरेगा। इस परियोजना का मकसद चीन के शिनजियांग को पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह से जोड़ना है।

होंग ने कहा, ‘‘इस क्षेत्र में चीन और पाकिस्तान के बीच सहयोग का मकसद स्थानीय आर्थिक एवं सामाजिक विकास को बढ़ावा देना है। यह किसी तीसरे पक्ष को निशाना नहीं बनाता है और न ही संबंधित विवाद पर अलग अलग पक्षों के रूख को प्रभावित करता है।’’

हाल ही में पाकिस्तानी मीडिया की खबरों में कहा गया था कि चीन की चिंताओं के बाद इस्लामाबाद पीओके के उत्तरी गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र का संवैधानिक दर्जा बढ़ाने के विकल्प पर जोर दे रहा है। अगर ऐसा होता है तो यह इस क्षेत्र को उसके संवैधानिक दायरे में रखने के पुराने रूख से पलटना होगा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.