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चीन ने खारिज की अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सैनिकों के साथ हुई झड़प की खबर

अतिक्रमण के मुद्दे पर चीन अपना यही रुख बनाए हुए है, जब कभी चीन के सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा को पार कर भारतीय क्षेत्र में पहुंच जाते हैं तब चीन कहता है कि एलएसी को लेकर दोनों देशों की भिन्न भिन्न धारणा है।

Author बेजिंग | June 16, 2016 4:00 AM
चीनी सेना

चीन ने अरुणाचल प्रदेश में उसके सैनिकों द्वारा अतिक्रमण किए जाने के आरोपों को बुधवार को यह कहते हुए खारिज किया कि चीन-भारत सीमा का अब तक सीमांकन नहीं हुआ है और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन की तरफ नियमित गश्त कर रहे थे। पर भारतीय आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि पिछले गुरुवार को नियमित बैनर ड्रिल के दौरान चीनी सैनिकों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए भारतीय सैनिकों पर शारीरिक रूप से हमला करने का प्रयास किया लेकिन उन पर काबू पा लिया गया।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने नौ जून को पूर्वी कामेंग जिले में 250 सैनिकों के यांग्स्टे में घुस जाने की रिपोर्ट के प्रश्न का जवाब देते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘चीन और भारत सीमा का अब तक सीमांकन नहीं हुआ है।’ लु ने कहा, ‘समझा जाता है कि चीन के सैनिक एलएसी पर चीन की तरफ सामान्य गश्ती कर रहे थे।’ रिपोर्ट है कि पीएलए की बड़ी टुकड़ी उस इलाके में कुछ घंटे तक टिकी रही और फिर अपने बेस की ओर चली गई।

अरुणाचल प्रदेश में चीन का अतिक्रमण ऐसे समय में हुआ है जब चीन परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत के प्रवेश का इस आधार पर विरोध कर रहा है कि भारत ने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। चीन परमाणु वाणिज्य को नियंत्रण करने वाले 48 सदस्यीय परमाणु क्लब में प्रवेश संबंधी पाकिस्तान के आवेदन का समर्थन कर रहा है और वह नए सदस्यों के प्रवेश को लेकर सर्वसम्मति का आह्वान कर रहा है।

अतिक्रमण के मुद्दे पर चीन अपना यही रुख बनाए हुए है, जब कभी चीन के सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा को पार कर भारतीय क्षेत्र में पहुंच जाते हैं तब चीन कहता है कि एलएसी को लेकर दोनों देशों की भिन्न भिन्न धारणा है। हाल के बरसों में दोनों पक्ष विवादित क्षेत्र में विभिन्न व्यवस्थाओं के माध्यम से गश्ती सैनिकों के बीच तनाव कम करने में कामयाब रहे हैं लेकिन चीन ने सीमा पर तनाव खत्म करने के लिए 3488 किलोमीटर एलएसी के सीमांकन भारत के प्रस्ताव पर सकारात्मक जवाब नहीं दिया है। दोनों देश विशेष प्रतिनिधि स्तर पर 19 दौर की सीमा वार्ता कर चुके हैं।

इस बीच आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि भारतीय सेना और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों के बीच पिछले गुरुवार को अरुणाचल प्रदेश में उस समय झड़प हुई जब 276 चीनी सैनिक सीमा पर चार विभिन्न स्थानों से भारतीय क्षेत्र में घुस आए। अरुणाचल प्रदेश के शंकर टिकरी से 215 चीनी सैनिकों, थांग ला से 20 चीनी सैनिकों, मेरा गाप से 20 सैनिकों और यांकी-1 से 21 सैनिकों ने बढ़ने का प्रयास किया लेकिन उन पर काबू पा लिया गया। बाद में चीनी सेना ने दुभाषिए की मदद से भारतीय सेना के अधिकारियों से बातचीत की और दो पैकेट चाकलेट भी दिए।

सूत्रों ने बताया कि सेना ने आधिकारिक रूप से रिपोर्ट दी है कि सेना और पीएलए के बीच शंकर टिकरी में सिर्फ ‘मामूली झड़प’ हुई। तनाव कथित तौर पर तभी दूर हुआ जब चीनी सेना के चार अधिकारी एक दुभाषिए के साथ भारतीय सेना के कमांडिंग आफिसर से मिले और उन्हें दो पैकेट चॉकलेट दिए तथा यांकी-1 चौकी के प्रभारी को एक उपहार का पैकेट भेंट किया। यांग्त्से दोनों देशों के बीच विवादित क्षेत्रों में से एक है और यह भारतीय क्षेत्र है। इस क्षेत्र में चीन के सैनिक 2011 से ही समय-समय पर कथित रूप से घुसपैठ करते रहे हैं। इस बीच गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू ने कहा कि चॉकलेटों के आदान-प्रदान के साथ झड़प समाप्त हो गई। उन्होंने नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि चीनी सैनिक सौहार्दपूर्ण तरीके से लौट गए।

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