scorecardresearch

चीनः कोरोना लॉकडाउन बना मुसीबत, जानें जिनपिंग के देश में कैसे दो वक्त की रोटी को तरस रहे लोग

शंघाईः लोग सोशल मीडिया और टेलिफोन के जरिए अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

China, Corona, lockdown, People craving bread, Jinping, UN Chief
कोरोना वायरस टेस्ट के दौरान महिला का सैंपल लेता हेल्थ वर्कर। (फोटोः पीटीआई)

चीन के शंघाई शहर में कोरोना के मामले बढ़ने की वजह से दो दिन पहले लॉकडाउन लगा दिया गया। लेकिन शंघाई में सरकार की इस सख्ती की वजह से भुखमरी के हालात पैदा होने लगे हैं। ऐसे लोगों में अब असंतोष पैदा होने लगा है। शंघाई में रहने वाले लोगों ने तो इसके खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट करना भी शुरू कर दिया है। हालांकि, अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि 5 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म कर दिया जाएगा लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से इसे अनिश्चितकाल के लिए इस सप्ताह से शुरू में बढ़ा दिया गया।

चीन में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए अलग-अलग शहरों में लाकडाउन लगाया गया है। शंघाई के लोग सोशल मीडिया और टेलिफोन के जरिए अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। हालांकि तमाम बंदिशों के बाद भी कोरोना की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को यहां 20 हजार 398 नए ममाले मिले जिसमें 824 सिम्प्टोमेटिक हैं।

एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन के शून्य कोविड दृष्टिकोण के बीच शंघाई के एक अस्पताल में बुजुर्गों की सिलसिलेवार मौत से चिंता पैदा हो रही है। दो करोड़ 60 लाख की आबादी वाले शहर में कोरोना वायरस संक्रमण का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। मरीजों के रिश्तेदारों ने द एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि शंघाई डोंगहाई एल्डरली केयर हॉस्पिटल में कई मरीजों की मौत हो गई है। उनका कहना है कि मरीजों की ठीक से देखभाल नहीं की गई, क्योंकि वायरस के संपर्क में आए देखभाल करने वालों को क्वारंटीन कर दिया गया। इससे अस्पताल में कर्मचारियों की कमी हो गई।

परिवार के सदस्यों ने मदद और जवाब के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है। अस्पताल से कोई जानकारी न मिलने पर इसके अंदर लगे निगरनी कैमरे की फुटेज देखने की मांग की है। शंघाई के अधिकारियों ने कोविड के प्रकोप से कोई मौत नहीं होने की सूचना दी है, लेकिन डेटा की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। एक अधिकारी ने कहा कि संक्रमण के मामलों और मौतों की पुष्टि के मानदंड बहुत सख्त हैं। इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप रहता है।

एशिया में बड़े पैमाने पर मरीज सामने आ रहेः गुतारेस

औसतन हर चार महीने पर सार्स-कोव-2 वायरस का एक नया वेरिएंट सामने आने के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने आगाह किया है कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। एशिया में बड़े पैमाने पर इसके मामले दर्ज किए जा रहे हैं। गुतारेस ने सरकारों और दवा कंपनियों से हर जगह, हर व्यक्ति तक टीके पहुंचाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। यूएन महासचिव ने एक वीडियो संदेश में कहा कि महामारी अभी खत्म नहीं हुई है। रोजाना औसतन 15 लाख नए मामले सामने आ रहे हैं। एशिया में बड़े पैमाने पर मरीज मिल रहे हैं। पूरे यूरोप में एक नई लहर फैल रही है।

पढें अंतरराष्ट्रीय (International News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.