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दक्षिण चीन सागर में अमेरिकी जहाज घुसा, चीन ने जताया कड़ा विरोध

दक्षिण चीन सागर में चीन द्वारा बनाए जा रहे कृत्रिम द्वीपों के पास मंगलवार को चीनी नौसेना की अमेरिकी जंगी जहाजों से पहली बार बड़ी तकरार हुई। अमेरिकी जहाज बेजिंग की चेतावनी..

Author बेजिंग | October 28, 2015 1:29 PM
दक्षिणी चीन सागर (फाइल फोटो)

विवादास्पद दक्षिण चीन सागर में चीन द्वारा बनाए जा रहे कृत्रिम द्वीपों के पास मंगलवार को चीनी नौसेना की अमेरिकी जंगी जहाजों से पहली बार बड़ी तकरार हुई। अमेरिकी जहाज बेजिंग की चेतावनी को नजरअंदाज कर वहां गए थे। इस पर चीन ने इसे अपनी संप्रभुता के लिए खतरे के तौर पर देखते हुए इस घटना की निंदा की है।

चीनी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी जंगी गश्ती जहाज के झुबी चट्टान के पास पहुंचने पर सख्त नाराजगी जाहिर की है और इसका कड़ा विरोध किया है। यह चट्टान दक्षिण चीन सागर में नानशा द्वीप समूह का हिस्सा है। इसे स्पार्टले द्वीप समूह के के रूप में भी जाना जाता है।

पेंटागन ने कहा कि दिशानिर्देशित होने वाली मिसाइल विध्वंसक यूएसएस लासेन चीनी सरकार की इजाजत के बगैर उस कृत्रिम द्वीप के 12 समुद्री मील पास तक गया, जिसे स्पार्टले द्वीप समूह में बनाया जा रहा है। इसके बाद चीन की सख्त प्रतिक्रिया आई।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने यहां मीडिया ब्रीफिंग में कहा-‘अमेरिका की यह कार्रवाई चीन की संप्रभुता और सुरक्षा हितों के लिए खतरा है और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता के लिए नुकसानदेह है।’

लू ने बताया कि अमेरिकी जंगी जहाज की निगरानी की गई, उसका पीछा गया और चेतावनी दी गई। उन्होंने इस बारे में ब्योरा देने से इनकार कर दिया कि अमेरिकी विध्वंसक के साथ तकरार में कितने चीनी जहाज शामिल थे।

अमेरिकी रक्षा मंत्री एश कार्टर ने हाल ही में अनने आस्ट्रेलिया दौरे के दौरान चेतावनी दी थी कि ‘कोई गलती न करे, अमेरिका विमान उड़ाएगा, जहाज संचालित करेगा जैसा कि हम दुनिया भर में करते हैं और दक्षिण चीन सागर अपवाद नहीं होगा।’

हालांकि, चीन समूचे दक्षिण चीन सागर पर संप्रभुता का दावा करता है जिसमें दुनिया की कुछ व्यस्तम समुद्री मार्ग शामिल हैं। वहीं, वियतनाम, फिलिपीन, मलेशिया, ब्रुनेई और ताईवान दक्षिण चीन सागर पर चीन के संप्रभुता के इस दावे के विरोध करता है।

इससे पहले मंगलवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिका को तिल का ताड़ नहीं बनाने की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि हम अमेरिका को कोई कार्रवाई करने से पहले दोबारा सोचने की सलाह देते हैं।

यह पूछे जाने पर अमेरिकी जहाजों और विमानों के क्षेत्र से गुजरते रहने पर चीन क्या करेगा, लू ने कहा-‘यदि संबद्ध पक्ष तनाव बढ़ाते रहा तो चीन इस नतीजे पर पहुंच सकता है कि हमारे लिए निर्माण गतिविधियों को मजबूत करना आवश्यक है। हम आशा करते हैं कि अमेरिका ऐसा कार्य नहीं करेगा जो उसे नुकसान पहुंचाता हो।’

चीनी जहाज के अलास्का में अमेरिकी जल क्षेत्र में प्रवेश करने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर लू ने कहा कि यह एक वैध कार्य है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कानून इसकी इजाजत देता है। हनोई के तट पर ड्रिल करने के लिए भारत के ओएनजीसी को दिए गए न्योते को लेकर भी चीन चिंतित है। उसने कहा है कि यह एक विवादित क्षेत्र है।

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