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दलाई लामा की अरुणाचाल प्रदेश यात्रा: चिढ़े चीन ने भारतीय राजदूत को किया तलब

तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के अरुणाचल प्रदेश दौरे का लगातार विरोध कर रहे चीन ने बुधवार को जरूरी कदम उठाने की धमकी दी।

Author नई दिल्ली | April 6, 2017 11:41 AM
तिब्बत के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा। (पीटीआई फाइल फोटो)

तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के अरुणाचल प्रदेश दौरे का लगातार विरोध कर रहे चीन ने बुधवार को जरूरी कदम उठाने की धमकी दी। चीनी विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बेजिंग में भारतीय राजदूत विजय गोखले को तलब कर विरोध दर्ज कराया। इस बीच, अरुणाचल के पश्चिमी कामेंग जिले के बोमडिला पहुंचे दलाई लामा ने चीन को आड़े हाथों लिया। दलाई ने कहा कि चीन अगर उन्हें असुर भी माने तो दिक्कत नहीं है। भारत ने चीन के खिलाफ उनका इस्तेमाल कभी नहीं किया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में बयान जारी कर बताया कि बेजिंग में भारतीय राजदूत गोखले को तलब किया गया था। चीन ने उन अरुणाचल प्रदेश के उन इलाकों को एक बार फिर विवादित करार दिया है, जहां जाने के लिए दलाई लामा को भारत सरकार ने अनुमति दी है। चीन ने कहा कि भारत सरकार ने दलाई को अरुणाचल प्रदेश के ‘विवादित’ हिस्सों में दौरे की ‘दुराग्रहपूर्वक’ इजाजत देकर द्विपक्षीय रिश्तों को ‘गंभीर नुकसान’ पहुंचाया है और वह अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता और हितों की रक्षा के लिए ‘जरूरी कदम’ उठाएगा। बेजिंग से मिली खबरों के अनुसार, चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने संवाददाताओं को बताया, चीन की चिंताओं की उपेक्षा करते हुए भारत ने दुराग्रहपूर्वक चीन-भारत सीमा के पूर्वी हिस्से के विवादित इलाकों में दलाई लामा का दौरा कराया, जिससे चीन के हितों और चीन-भारत संबंधों को गंभीर नुकसान पहुंचा।

चीन को जवाब देते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के कई राज्यों में उनकी धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों और दौरे पर कोई अतिरिक्त रंग नहीं भरना चाहिए। अरुणाचल को भारत का अभिन्न अंग बताते हुए भारत सरकार ने साफ किया कि चीन को भारत की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए। भारतीय विदेश राज्य मंत्री किरण रिजीजू ने कहा कि भारत एक चीन नीति का सम्मान करता है। हम चीन से भी ऐसे ही पास्परिक रुख की उम्मीद करते हैं। तिब्बती बौद्ध गुरु दलाई लामा के अरुणाचल दौरे का चीन लगातार विरोध कर रहा है। दलाई लामा अरुणाचल प्रदेश की नौ दिवसीय यात्रा पर हैं। चीनी मीडिया यहां तक कह रहा है कि भारत दलाई लामा को चीन के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है। इस पर दलाई लामा की तरफ से एक बयान आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि चीन अगर उन्हें असुर भी माने तो भी दिक्कत नहीं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि भारत ने चीन के खिलाफ उनका कभी इस्तेमाल नहीं किया है। अरुणाचल के बोमडिला में दलाई लामा ने कहा कि अगर चीन उन्हें राक्षस समझता है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने भारत सरकार को शुक्रिया कहा है और खुद को भारत का सबसे लंबी अवधि का अतिथि बताया।

दलाई लामा ने 1983 से 2009 के बीच छह बार अरुणाचल प्रदेश की यात्रा की है। उनकी पहली यात्रा 1983 में हुई थी। उनकी दूसरी यात्रा 1996 में हुई। इसके बाद उन्होंने 1997 में और फिर 2003 में दो बार राज्य की यात्रा की। 2009 में उन्होंने छठी बार अरुणाचल प्रदेश की यात्रा की थी। वर्ष 2009 में अरुणाचल प्रदेश के दौरे के आठ साल बाद दलाई लामा राज्य पहुंचे। उनकी वह यात्रा उस घटना के ठीक 50 वर्षों बाद हुई थी जब वे तिब्बत के ल्हासा से भारत आए थे।

 

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