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कौन हैं चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping को माफिया बॉस कहने वाली Cai Xia?

काई ने एक व्यापारी रेन जिकियांग का भी समर्थन किया था। उसने कोविड-19 महामारी के मुद्दे पर राष्ट्रपति की मुखर आलोचना की थी। इसके बाद उस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा दिए गए थे। गार्जियन को दिए गए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि मैं अकेली नहीं हूँ जो इस पार्टी को छोड़ना चाह रही हूँ। मेरे जैसे बहुत सारे लोग हैं।

Xi jinping, Cai Xia, India China issue, India China Galwan Valley,काई कम्युनिस्ट पार्टी के द्वारा संचालित सेंट्रल पार्टी स्कूल की सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं। इस स्कूल में वे विद्यार्थियों को लोकतान्त्रिक राजनीति के विषय में पढ़ातीं थीं। (胡发云 hufayun/@hufayun2/Twitter)

कभी चीन में सत्तारुढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की प्रभावशाली नेता रहीं Cai Xia अब राष्ट्रपति शी जिनपिंग की घोर आलोचक हो गईं हैं। बीते जून महीने में उनका एक ऑडियो वायरल हुआ जिसमें वे राष्ट्रपति को ‘माफिया बॉस’ कहतीं हुई सुनाई दे रहीं हैं। इस ऑडियो के सामने आने के बाद उन्हें पार्टी से निकल दिया गया है।

भारत के साथ गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद उन्होंने इसे राष्ट्रपति जिनपिंग के ‘जनता के ध्यान भटकाने के तरीकों’ का एक उदाहरण करार दिया। बहुत सालों तक चीन में एक महत्वपूर्ण नेता की छवि बनाये रखने वाली cai अब देश की तानाशाही सरकार के खिलाफ खड़ी दिखाई दे रहीं हैं। हाल ही में गार्जियन अख़बार को दिए गए एक साक्षात्कार में उन्होंने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को ‘राजनीतिक दैत्य’ और राष्ट्रपति शी जिनपिंग को देश की छवि ख़राब करने वाला बताया।

कौन हैं काई: काई के पिता ने माओत्से तुंग की लाल क्रांति में हिस्सा लिया था। काई कम्युनिस्ट पार्टी के द्वारा संचालित सेंट्रल पार्टी स्कूल की सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं। इस स्कूल में वे विद्यार्थियों को लोकतान्त्रिक राजनीति के विषय में पढ़ातीं थीं। इस स्कूल में चीन के भावी नेता और नौकरशाह शिक्षा ग्रहण करते हैं। इस स्कूल का नेतृत्व किसी समय देश के संस्थापक माओत्से तुंग ने किया था। अब इसका नेतृत्व स्वयं शी जिनपिंग करते हैं। ताइवान न्यूज़ की एक रिपोर्ट के मुताबिक काई ने कहा कि 2011 में एक टिप्पणी के बाद उनपर हमला हुआ और उन्हें पार्टी की और से चेतावनी भी दी गई। उन्होंने बताया कि चीन उनके देश से पलायन के बाद उन्हें वापस बुलाना चाह रहा है।

काई ने एक व्यापारी रेन जिकियांग का भी समर्थन किया था। उसने कोविड-19 महामारी के मुद्दे पर राष्ट्रपति की मुखर आलोचना की थी। इसके बाद उस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा दिए गए थे। गार्जियन को दिए गए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि मैं अकेली नहीं हूँ जो इस पार्टी को छोड़ना चाह रही हूँ। मेरे जैसे बहुत सारे लोग हैं। पार्टी में मेरी आवाज बिलकुल अवरुद्ध थी। मुझे बोलने का कोई मौका नहीं दिया जाता था। अब मेरे देश छोड़ने के बाद मीडिया मुझे देशद्रोही और अतिवादी तक कह रहा है।

ताइवान न्यूज़ के मुताबिक काई ने हांगकांग के नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून को भयानक निर्णय करार दिया था। गार्जियन के साक्षात्कार में उन्होंने लद्दाख के मुद्दे पर बोलते हुए कहा था कि जिनपिंग दुनिया को चीन का दुश्मन बना रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जनता के असल आर्थिक सामाजिक मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए भारत-चीन तनाव और अमेरिका विरोधी भावनाओं को भुनाते हैं।

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