ताज़ा खबर
 

अरब सागर में संयुक्त नौसेना अभ्यास का आयोजन करेंगे चीन, पाकिस्तान

कर्नल रेन ने कहा कि यह अभ्यास किसी स्थिति या किसी देश को निशाना बनाने के लिये नहीं है।

Author नई दिल्ली | Published on: November 29, 2019 1:01 PM
चीनी सैन्य बलों के वार्षिक आदान-प्रदान कार्यक्रम पर आधारित यह संयुक्त समुद्री अभ्यास 2020 में आयोजित किया जायेगा। (फोटो- रायटर्स)

चीन एवं पाकिस्तान की नौसेनाएं अपनी सदाबहार सामरिक भागीदारी को बढ़ावा देने के मकसद से अगले साल उत्तरी अरब सागर में संयुक्त समुद्री अभ्यास करेंगी। चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल रेन ग्यूक्यांग ने बृहस्पतिवार को यहां मीडिया को बताया कि पाकिस्तान और चीनी सैन्य बलों के वार्षिक आदान-प्रदान कार्यक्रम पर आधारित यह संयुक्त समुद्री अभ्यास 2020 में आयोजित किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि अभ्यास के लिये चीन की ओर से विध्वंसक, जंगी जहाज, पांच जहाज और पनडुब्बी बचाव जहाज भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘इस संयुक्त अभ्यास से उनके सैन्य एवं सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने में मदद मिलेगी, सदाबहार सामरिक भागीदारी और साझा भविष्य के समुद्री समुदाय के निर्माण के उनके प्रयास को बढ़ावा मिलेगा।’’ कर्नल रेन ने कहा कि यह अभ्यास किसी स्थिति या किसी देश को निशाना बनाने के लिये नहीं है। हालांकि, उन्होंने नौसैनिक अभ्यास की नियत तिथि का खुलासा नहीं किया गया।

पाकिस्तान का चीन के साथ द्विपक्षीय संबंध: पााकिस्तान को चीन एक रक्षा निर्यातक देश बनने में मदद कर रहा है, जिन्हें वह म्यांमा और नाइजीरिया जैसे देशों को हथियार बेच सके। दोनों देशों के बीच एक रक्षा सौदा अपने अंतिम चरण में है। चीन से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कर पाकिस्तान अपने दम पर सैन्य हार्डवेयर का उत्पादन शुरू कर सकेगा।

चीन से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कर पाकिस्तानी सेना के लिए टैंक और अन्य उपकरणों के उत्पादन में तेजी लाई जा रही है। चीन की मदद से पाकिस्तान अपनी नौसेना का विस्तार भी कर रहा है। पिछले एक साल में चीन की सहायता से पाकिस्तान ने जेएफ -17 थंडर लड़ाकू विमानों की बिक्री को दोगुना कर दिया है।

चीन 2022 तक पाकिस्तान की नौसेना को चार पनडुब्बियां देगा और दक्षिणी बंदरगाह के शहर कराची के एक शिपयार्ड पर चार अन्य पनडुब्बियों का निर्माण करेगा, जिससे अरब सागर और हिंद महासागर पर नज़र रखी जा सके। पाकिस्तान की मदद करने के पीछे का कारण यह है कि चीन का मानना है कि अमेरिकी और अन्य पश्चिमी देश सैन्य मामलों में भारत की मदद कर रहे हैं। जिसके जवाब में पाकिस्तान को चीन सैन्य रूप से सक्षम बनाने की हरसंभव कोशिश कर रहा है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 पाकिस्तान: देशद्रोह के मामले में पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को नोटिस, कोर्ट ने कहा- सात दिन के अंदर दर्ज कराएं अपना बयान
2 फेक अमेरिकी यूनिवर्सिटी से अब तक पकड़े गए 250 स्टूडेंट्स, बड़ी संख्या में शामिल हैं भारतीय छात्र
3 GOOGLE SEARCH में ढ़ूंढने पर खालिस्तान की राजधानी बता रहा लाहौर!
जस्‍ट नाउ
X