अमेरिका के मैसाचुसेट्स में भारतीय मूल के 17 वर्षीय किशोर पर अपनी मां और 14 साल के छोटे भाई की हत्या का आरोप लगा है। पुलिस के मुताबिक दोनों की लाशें उनके घर से मिली हैं। मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जांच के दौरान सामने आया कि किशोर ने इंटरनेट और चैटजीपीटी का इस्तेमाल अपने परिवार की हत्या से जुड़ी सर्च करने के लिए किया था। अधिकारियों ने इसे उसका चिंताजनक व्यवहार बताया है।
आरोपी की पहचान एक्टन निवासी 17 वर्षीय अर्जुन अरविंद के रूप में हुई है। वह एक्टन-बॉक्सबोरो रीजनल हाई स्कूल का छात्र है। पुलिस ने बुधवार सुबह 12 अगस्त को मैसाचुसेट्स के वेलैंड से उसे गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, वह एक दिन पहले अपनी मां की होंडा एकॉर्ड कार लेकर घर से निकल गया था।
अधिकारियों ने अर्जुन पर दो हत्या, परिवार के सदस्य पर हमले से जुड़े दो आरोप, हमले के दो अन्य आरोप, बिना अनुमति वाहन इस्तेमाल करने और मोटर वाहन चोरी करने के आरोप लगाए हैं।
घर में मिली मां और भाई की लाश
यह मामला मंगलवार शाम सामने आया। अर्जुन की मां 45 वर्षीय सुधा वेंकटेशन और उसका 14 वर्षीय भाई सिद्धार्थ एक्टन स्थित अपने घर में थे। परिवार के एक ट्यूटर को शाम करीब 6:30 बजे घर पहुंचना था। जब काफी देर तक किसी ने दरवाजा नहीं खोला और उसका परिवार के लोगों से संपर्क नहीं हो सका तो उसने अर्जुन के पिता को जानकारी दी।
अर्जुन के पिता ने भी पत्नी और बच्चों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने पुलिस को फोन कर परिवार की सुरक्षा को लेकर जांच करने का अनुरोध किया।
पुलिस के मुताबिक, पिता ने अपनी पत्नी को आखिरी बार मंगलवार सुबह काम पर जाने से पहले देखा था। छोटा बेटा सिद्धार्थ दोपहर करीब 12 बजे आखिरी बार देखा गया था।
पुलिस जब घर पहुंची तो सुधा और सिद्धार्थ दोनों मृत मिले। सुधा का शव घर के बेसमेंट में था, जबकि सिद्धार्थ का शव पहली मंजिल पर मिला। दोनों के शरीर पर चोट के साफ निशान थे। हालांकि, उनकी मौत की सही वजह और मौत का तरीका अभी मेडिकल जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। हत्या में किस हथियार का इस्तेमाल हुआ, इसकी भी जांच जारी है।
मां की कार लेकर गायब था आरोपी
पुलिस के घर पहुंचने तक अर्जुन वहां नहीं था। उसकी मां की होंडा एकॉर्ड कार भी गायब थी। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और आसपास के इलाकों की पुलिस को इसकी जानकारी दी।
बुधवार सुबह वेलैंड का एंड्रयू एवेन्यू इलाके में एक पार्किंग स्थल पर एक अलग मामले की सूचना पर पहुंची पुलिस को वही कार दिखाई दी। कार के अंदर अर्जुन मौजूद था। उसे बिना किसी विरोध के गिरफ्तार कर लिया गया।
चैटजीपीटी पर क्या खोज रहा था किशोर?
इस मामले का सबसे अहम और हैरान करने वाला पहलू जांच में सामने आया। मिडलसेक्स काउंटी डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के कार्यालय के मुताबिक, अर्जुन हाल के दिनों में इंटरनेट और चैटजीपीटी पर अपने परिवार की हत्या से जुड़ी “सैद्धांतिक बातों या कल्पनाओं” के बारे में सर्च कर रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, उसने एआई चैटबॉट से “गोथिक नावेल” यानी रहस्यमय और अंधेरे माहौल वाली कहानी बनाने में भी मदद मांगी थी। वह उससे सवाल पूछ रहा था और पात्र तैयार कर रहा था।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि हत्या का सही कारण और घटनाओं का पूरा क्रम अभी जांच के अधीन है। अर्जुन को बुधवार को जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया जाना था। हालांकि हत्या के आरोप पर जुवेनाइल कोर्ट का अधिकार क्षेत्र नहीं है, इसलिए हत्या और उससे जुड़े आरोपों पर उसे बाद में कॉनकार्ड डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इस मामले ने एक बड़ा सवाल भी खड़ा किया है – एआई चैटबॉट का इस्तेमाल अगर हिंसक कल्पनाओं और अपराध की तैयारी से जुड़ी जानकारी तलाशने में किया जाए, तो ऐसी गतिविधियों को समय रहते कैसे पहचाना और रोका जाए।
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कनाडा में इमिग्रेशन नियमों को सख्त किए जाने का असर अब भारतीय नागरिकों पर भी दिखाई दे रहा है। कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 के पहले छह महीनों में कनाडा ने 3,323 भारतीय नागरिकों को देश से बाहर किया। यह संख्या पूरे 2025 में हटाए गए 3,779 भारतीयों के करीब पहुंच गई है। अगर यही रफ्तार जारी रही तो 2026 में भारतीय नागरिकों के डिपोर्टेशन का नया वार्षिक रिकॉर्ड बन सकता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां पर करें क्लिक
