भारत ही नहीं कनाडा में भी भीषण गर्मी, 50 डिग्री के करीब पहुंचा पारा, लू से चार दिन में ही 200 से ज्यादा लोगों की मौत

देश में भीषण गर्मी का आलम यह है कि पिछले 84 साल का रिकॉर्ड टूट गया। पर्यावरण विभाग ने कई शहरों में एलर्ट जारी कर दिया है। अफसरों का कहना है कि “खतरनाक रूप से भीषण गर्मी इस सप्ताह लंबे वक्त तक जारी रहेगी।”

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कनाडा के चेस्टरमेरे, अल्टा में मंगलवार, 29 जून, 2021 को एक समुद्र तट पर गर्मी को मात देने की कोशिश करते लोग। (Jeff McIntosh/The Canadian Press via AP)

दिल्ली और निकटवर्ती इलाकों में मानसून ने अब तक दस्तक नहीं दी है और राष्ट्रीय राजधानी में गर्मी एक बार फिर शहरवासियों को परेशान करने वाली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केन्द्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि दिन में लू चलने और अधिकतम तापमान के 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। यह हालत सिर्फ भारत में ही नहीं है, बल्कि विदेशों में भी गर्मी से लोग बेहाल हैं।

उत्तरी अमेरिकी देश कनाडा में भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। आलम यह है कि पिछले चार दिन में ही 200 से अधिक लोगों ने गर्मी से दम तोड़ दिया। इस दौरान तापमान रिकार्ड ऊंचाइयों को छूता हुआ 49.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे देश में पिछले 84 साल का रिकॉर्ड टूट गया। समाचार एजेंसी रायटर के मुताबिक ब्रिटिश कोलंबिया के पश्चिमी तट प्रांत के वैंकूवर क्षेत्र में भीषण गर्मी पड़ रही है। यह यूएस पैसिफिक नॉर्थवेस्ट तक फैल गई हैं। शुक्रवार और सोमवार के बीच कम से कम 233 लोगों की मौत हुई, जो चार दिनों की अवधि के औसत से लगभग 100 अधिक है। अफसरों का कहना है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। देश के पर्यावरण विभाग ने ब्रिटिश कोलंबिया, अल्बर्टा, और सास्काचेवान, मैनिटोबा, युकोन और उत्तर पश्चिमी क्षेत्रों के कुछ हिस्सों के लिए अलर्ट जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि “खतरनाक रूप से भीषण गर्मी इस सप्ताह लंबे वक्त तक जारी रहेगी।”

ब्रिटिश कोलंबिया ने सोमवार को अत्यधिक गर्मी के कारण स्कूलों और विश्वविद्यालयों को बंद कर दिया गया। वैंकूवर के उत्तर में लगभग 200 किमी (124 मील) मध्य ब्रिटिश कोलंबिया के एक शहर लिटन ने रविवार को 46.6 डिग्री सेल्सियस (115.88 डिग्री फारेनहाइट) का तापमान दर्ज किया। पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन कनाडा के अनुसार, सप्ताहांत से पहले, कनाडा में ऐतिहासिक ऊंचाई 45 डिग्री सेल्सियस थी, जिसे 1937 में सस्केचेवान में सेट किया गया था।

उधर, अमेरिका के वाशिंगटन और ओरेगोन में भीषण गर्मी के कारण करीब 12 लोगों की मौत हो गई और बिजली की भारी मांग के बीच इसकी कटौती भी करनी पड़ी। सिएटल और पोर्टलैंड में पारा लगातार 37.7 डिग्री सेल्सियस से अधिक है। हालांकि मंगलवार को इन शहरों में गर्मी से थोड़ी राहत मिली लेकिन स्पोकेन, पूर्वी ओरेगन के शहरों और इडाहो के शहरों में तापमान में वृद्धि देखी गई।

राष्टूीय मौसम सेवा ने कहा कि स्पोकेन में मंगलवार को पारा 42.2 सेल्सियस पर पहुंच गया जो अभी तक वहां दर्ज किया गया सबसे अधिक तापमान है। इस शहर में सोमवार को करीब 9,300 उपभोक्ताओं के यहां बत्ती गुल हो गयी और कंपनी ने कहा कि मंगलवार दोपहर को बिजली की और कटौती की जाएगी। इस बीच प्राधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में हाल में हुई कई मौतों का संबंध भीषण गर्मी से हो सकता है। किंग काउंटी के मेडिकल परीक्षक कार्यालय ने बताया कि दो लोगों की मौत हाइपरर्थिमया यानी कि उनके शरीर के खतरनाक स्तर तक गर्म होने के कारण हुई। सिएटल टाइम्स ने बताया कि ये मृतक 65 वर्षीय और 68 वर्षीय महिला हैं।

राष्ट्रपति जो बाइडन ने विस्कॉन्सिन में भाषण के दौरान उत्तर पश्चिम में गर्मी पर संज्ञान लिया और अत्यधिक गर्मी के लिए तैयार रहने की जरूरत पर बात की। उन्होंने कहा, “क्या किसी ने कभी सोचा था कि वह खबरों में ओरेगन के पोर्टलैंड में 116 डिग्री फैरनहीट तापमान देखेगा? लेकिन चिंता मत करिए, यह कोई वैश्विक ताप वृद्धि नहीं है।”

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