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गुजराती मूल के व्यक्ति का अमेरिका प्रत्यर्पण, यूएस में होगा ट्रायल, फर्जी कॉल सेंटर से किया अरबों रुपए का घोटाला

आरोपी अमेरिका में रहने वाले दक्षिण एशियाई लोगों को यूएस टैक्स डिपार्टमेंट या फिर इमीग्रेशन डिपार्टमेंट के एजेंट बनकर फोन करते थे और उन्हें गिरफ्तारी का डिपोर्टेशन का भय दिखाकर उनसे पैसे वसूलते थे।

आरोपियों ने धोखाधड़ी से करीब 75 मिलियन डॉलर का चूना लगाया।

सिंगापुर से एक भारतीय नागरिक को अमेरिका प्रत्यर्पित (भेजा गया है) किया गया है। इस व्यक्ति पर आरोप है कि वह अमेरिका में हुए करोड़ो डॉलर के घोटाले में आरोपी है। आरोपी ने कॉल सेंटर्स के जरिए अमेरिका में रहने वाले दक्षिण एशियाई लोगों को अपना शिकार बनाया। अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने शुक्रवार को इस बात की जानकारी दी। आरोपी का नाम हितेश मधुभाई पटेल (42 वर्ष) है, जो कि अहमदाबाद का निवासी बताया जा रहा है। घोटाले का खुलासा साल 2016 में हुआ, जिसमें 60 लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड, मनी लॉन्ड्रिंग और साजिश रचने के मामले में आरोपी बनाया गया है।

अमेरिका के टेक्सास प्रांत की फेडरल कोर्ट में इस घोटाले को लेकर सुनवाई होगी। खबर के अनुसार, घोटाले में आरोपी हितेश मधुभाई पटेल HGlobal नामक कॉल सेंटर चलाता है। यह कॉल सेंटर भारत में स्थित उन 5 कॉल सेंटर्स में से एक है, जिन पर मिलजुल कर अमेरिका में रहने वाले दक्षिण एशियाई लोगों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है। आरोपी अमेरिका में रहने वाले दक्षिण एशियाई लोगों को यूएस टैक्स डिपार्टमेंट या फिर इमीग्रेशन डिपार्टमेंट के एजेंट बनकर फोन करते थे और उन्हें गिरफ्तारी का डिपोर्टेशन का भय दिखाकर उनसे पैसे वसूलते थे।

इसके बाद आरोपी पीड़ित लोगों को अमेरिका में रहने वाले अपने सहयोगियों को कथित जुर्माने की रकम डेबिट कार्ड या फिर ऑनलाइन पेमेंट के द्वारा देने का निर्देश देते थे। जहां से यह पैसा लॉन्ड्रिंग के जरिए आरोपियों तक पहुंच जाता था। अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट के अधिकारियों का कहना है कि बीते 6 सालों को दौरान आरोपियों ने करीब 15000 लोगों के साथ धोखाधड़ी की और करीब 75 मिलियन डॉलर की रकम का चूना लगाया। अभी तक अमेरिका में भारत स्थित कॉल सेंटर्स की धोखाधड़ी के मामले में अमेरिका के ही 24 लोगों को दोषी ठहराया जा चुका है। इन दोषियों को अदालत ने 20 साल जेल की सजा सुनायी है। वहीं भारत में रहने वाले आरोपी अभी तक पकड़ से बाहर हैं।

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