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शायद भारत भी गई थी ताशफीन मलिक : अमेरिकी अखबार

कैलिफोर्निया में की गई गोलीबारी की संदिग्ध पाकिस्तानी महिला ने अपने पति के साथ अमेरिका आने से एक साल पहले, 2013 में एक बार सऊदी अरब से शायद भारत की यात्रा की होगी..

Author न्यूयॉर्क | December 9, 2015 12:03 AM
सैयद रिजवान फारुक (बाएं) और ताशफीन मलिक (फोटो स्रोत – एफबीआइ)

कैलिफोर्निया में की गई गोलीबारी की संदिग्ध पाकिस्तानी महिला ने अपने पति के साथ अमेरिका आने से एक साल पहले, 2013 में एक बार सऊदी अरब से शायद भारत की यात्रा की होगी। अमेरिकी अखबार ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने मंगलवार को सऊदी अरब के गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से कहा कि 27 साल की ताशफीन मलिक ने दो मर्तबा सऊदी अरब की यात्रा की थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी अरब की एक यात्रा के बाद वह वहां से भारत के लिए रवाना हुई थी।

इस रिपोर्ट में सऊदी अरब के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता मंसूर तुर्की को यह कहते हुए उद्धृत किया गया है कि ताशफीन जून 2008 में पाकिस्तान से अपने पिता को देखने के लिए उनके देश आई थी। पाकिस्तान वापस लौटने से पहले करीब नौ हफ्ते रुकी थी। अखबार ने तुर्की के हवाले से कहा है, ‘फिर वह जून 2013 में पाकिस्तान से आईं और उसी साल छह अक्तूबर को भारत के लिए रवाना हुई थी।’ लेकिन इसके बाद की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है कि ताशफीन भारत पहुंची या नहीं और अगर भारत गई तो वहां कहां और कितने वक्त रही थी।

अमेरिका पहुंचने से पहले के उसके जीवन के बारे में जानकारियां सामने आ रही हैं क्योंकि जांचकर्ता ताशफीन और उसके पाकिस्तानी अमेरिकी पति 28 साल के सैयद रिजवान फारूक की पृष्ठभूमि और मकसद की जांच कर रहे हैं। यह जांच उनके द्वारा पिछले हफ्ते की गई अंधाधुंध गोलीबारी की घटना के सिलसिले में की जा रही है। इस गोलीबारी में 14 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने उन दोनों को मार गिराया था।

तुर्की ने कहा कि ताशफीन सऊदी अरब में अपने पति से मिली थी, इसका कोई सबूत नहीं है, लेकिन वे अक्तूबर 2013 में एक ही समय पांच दिन के लिए सऊदी अरब में थे। फारूक ने दो दफा सऊदी अरब की यात्रा की थी। पहली बार अक्तूबर 2013 में हज करने के लिए और दूसरी जुलाई 2014 में वह उमराह करने के लिए सऊदी अरब आया था। अमेरिकी अधिकारियों ने रिपोर्ट दी है कि दंपति जुलाई 2014 में जेद्दाह से साथ में अमेरिका के लिए रवाना हुआ था।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट कहती है कि पाकिस्तान में रिश्तेदारों और जानकारों के मुताबिक, वह सऊदी अरब में पली बढ़ी और उस पर इस्लाम की रूढ़ीवादी व्याख्या का गहरा प्रभाव था। सऊदी अरब के अधिकारियों ने इस बात से इनकार किया कि उसने उनके देश में बहुत समय बिताया है। अधिकारियों ने कहा कि वह सिर्फ दो बार उनके देश आई थी। उसकी कुल यात्रा कुछ महीनों की थी।

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