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नेपाल में पशु बलि उत्सव में 5,000 भैंसों की बलि

नेपाल में पशुओं की बलि देने के एक बड़े उत्सव में 5,000 से अधिक भैंसों की बलि दे दी गयी। यह दुनिया में इस तरह की सबसे बड़ी प्रथा मानी जाती है। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं के इस ‘बर्बर’ प्रथा को खत्म करने के तमाम प्रयासों के बावजूद इन जानवरों की बलि दी गयी। दक्षिणी नेपाल […]
Author November 30, 2014 11:49 am
नेपाल के गढीमाई मंदिर में हर पांच साल बाद इस उत्सव का आयोजन होता है। (फोटो:एपी)

नेपाल में पशुओं की बलि देने के एक बड़े उत्सव में 5,000 से अधिक भैंसों की बलि दे दी गयी। यह दुनिया में इस तरह की सबसे बड़ी प्रथा मानी जाती है। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं के इस ‘बर्बर’ प्रथा को खत्म करने के तमाम प्रयासों के बावजूद इन जानवरों की बलि दी गयी।

दक्षिणी नेपाल के बारा जिले के बरियारपुर गांव के गढीमाई मंदिर में हर पांच साल बाद इस उत्सव का आयोजन होता है जिसमें इस बार हजारों श्रद्धालु शामिल हुए जिनमें भारत से आए श्रद्धालु भी हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि पशुओं की बलि से हिन्दू देवी गढीमाई प्रसन्न होती हैं और इससे उनके लिए अच्छी किस्मत और समृद्धि आती है।

पुलिस के अनुसार उत्सव के पहले दिन शुक्रवार को करीब 400 कसाइयों ने 5,000 भैंसों की बलि दी। उत्सव के खत्म होने से पहले हजारों बकरियों, सूअरों और मुर्गियों की भी बलि दी जाएगी। आयोजक और अधिकारी पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा करार देते हुए उत्सव के आयोजन का बचाव करते हैं जबकि पशु अधिकार कार्यकर्ता इसे बर्बर बताते हैं।

हालांकि प्रथा पर रोक लगाने की मुहिम का कुछ असर दिखा है और इस साल पिछली बार की तुलना में बलि दिए गए भैंसों की संख्या घटकर आधी हो गयी। पिछली बार करीब 10,000 भैंसों की बलि दी गयी थी।
भारत के उच्चतम न्यायालय ने हाल में सरकार को गढीमाई उत्सव के दौरान नेपाल को मवेशियों के निर्यात पर रोक लगाने का आदेश दिया था। उत्सव की आयोजन समिति ने पत्रकारों और फोटोग्राफरों के लिए बलि की तस्वीरें लेने पर रोक लगा दी है।

इस बीच उत्सव के दौरान बिहार की एक वृद्ध महिला और एक साल भर के बच्चे की मौत हो गयी। बच्चे की मौत ठंड से हुई जबकि 65 वर्षीय महिला की भीड़ में फंसने के बाद मौत हो गयी।

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  1. D
    dilip kumar
    Nov 30, 2014 at 4:20 pm
    क्या मै जान सकता हु की हमारी मोदी सरकार क्या करने का प्लानबना रही है . इन पशुओ की हत्या का अधिकार इन ढोंगीओ को किशन दिया है और नेपाल सरकार के aaise rawaiye से इन पशुओ की बलि charai गई Jabki hamare मोदी Sahab अभी ही नेपाल विजिट किये थे. Agar लोगो में इतना ही आस्था Hai तो लोग अपनो बच्चो को बलि क्यों nahi देते की इन बे juban पशुओ Ki बलि दे रहे थे और Pura desh नेपाल के साथ hum chup chap tamasa dekh रही Hai
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    1. R
      Ritesh Aggarwal
      Nov 30, 2014 at 4:48 pm
      यस पशु बलि गलत है , पर ईद पर ५० लाख से जयदा जानवर काटे गए थे इस साल और क्रिसमस पर लाखो पेड़ कटे गए . तब आप चुप थे और रहें गए . आप मीडिया वाले अपने रिलिजन की ले जय चंद ही हो . और ये वास्तविकता है.
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      1. R
        Ritesh Aggarwal
        Nov 30, 2014 at 4:50 pm
        यस पशु बलि गलत है , पर ईद पर ५० लाख से जयदा जानवर काटे गए थे इस साल और क्रिसमस पर लाखो पेड़ कटे गए . तब आप चुप थे और रहें गए . आप मीडिया वाले अपने रिलिजन की ले जय चंद ही हो . और ये वास्तविकता है.
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