ताज़ा खबर
 

रूसी जल सीमा में घुसा ब्रिटिश जहाज़, विरोध में गश्ती जहाज़ से चलाई गईं गोलियां, बम गिराए

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा, "एचएमएस डिफ़ेंडर यूक्रेन और जॉर्जिया के बीच सीधे और अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त रास्ते से जा रहा था।"

पोर्ट्समाउथ, इंग्लैंड में एचएमएस डिफेंडर। (एपी फोटो/फाइल)

रूस और ब्रिटेन के बीच एक नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। रूस ने मंगलवार को कहा कि उसने क्रीमिया प्रायद्वीप के तट पर काला सागर में नौकायन कर रहे एक ब्रिटिश विध्वंसक के रास्ते में चेतावनी शॉट दागे और बम गिराए, जिसे रूस ने यूक्रेन से जब्त कर लिया था। रूस के 20 लड़ाकू विमानों और दो कोस्टगार्ड जहाज़ों ने क्रीमिया के नज़दीक ब्रिटेन के एक लड़ाकू जहाज़ का पीछा किया। रूसी रक्षा मंत्री का कहना है कि ब्रिटिश जहाज़ एचएमएस डिफ़ेंडर क्रीमिया के निकट रूसी जल सीमा में प्रवेश कर गया है। इसके विरोध में एक गश्ती जहाज़ ने उन पर गोलियां चलाईं और एक युद्धक विमान ने उसके रास्ते में बम गिराए। हालांकि ब्रिटेन ने इसका खंडन किया है कि उसकी सेना ने ब्लैक सी में ब्रिटेन के जंगी जहाज़ पर चेतावनी में गोलियां चलाईं।

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि ना तो कोई बम गिराया गया ना ही गोलियां चलाई गईं। बताया कि जहाज़ यूक्रेन के जल क्षेत्र में था। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा, “एचएमएस डिफ़ेंडर यूक्रेन और जॉर्जिया के बीच सीधे और अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त रास्ते से जा रहा था।” प्रवक्ता ने कहा कि रूस ने ब्रिटेन को पहले चेतावनी दी थी कि वो ब्लैक सी में उस रास्ते के पास अभ्यास कर रहे हैं, जहाँ से ब्रिटिश जहाज़ जा रहा था।

रूसी मीडिया में जारी रूसी रक्षा मंत्रालय के एक बयान के अनुसार ये घटना क्रीमिया के दक्षिण में केप फ़ायोलेन्ट में हुई और ब्रिटिश जहाज़ बार-बार अपने मार्ग से अलग हो रहा था।

रूस ने 2014 में क्रीमिया का विलय कर लिया, जो यूक्रेन का हिस्सा था। हालांकि इसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता नहीं मिली है। रूस के विदेश मंत्रालय ने इस सिलसिले में ब्रिटेन के राजदूत को तलब किया है।

Next Stories
1 नीरव को झटकाः यूके के HC ने खारिज की अपील, प्रत्यर्पण के खिलाफ लगाई थी गुहार
2 पाकिस्तानः आतंकी हाफिज सईद के घर के पास धमाका, चार की मौत, 20 गंभीर
3 म्यांमार की मिलिट्री का प्रोपेगंडा फैलाता है फेसबुक, तख्तापलट के विरोधियों के खिलाफ हिंसा को भी देता है बढ़ावा: रिपोर्ट
ये पढ़ा क्या?
X