ताज़ा खबर
 

विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को ब्रिटिश पुलिस ने किया अरेस्ट

उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि समाचार एजेंसी एएफपी ने की है।

वीकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे। (फाइल फोटोः रॉयटर्स)

वीकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को गुरुवार (11 अप्रैल, 2019) को गिरफ्तार कर लिया गया। समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, उन्हें ब्रिटिश पुलिस ने पकड़ा है। असांजे पर आरोप है कि उन्होंने अमेरिका से जुड़े गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक कर दिए थे। 2012 से लंदन स्थित दूतावास में वह शरण लिए थे। यौन उत्पीड़न और बलात्कार के आरोपों में स्वीडिश अधिकारी उनसे पूछताछ करना चाहते थे, जिसके बाद असांजे ने दूतावास में शरण मांगी थी। असांजे ने तब दावा किया था कि अगर उन्हें स्वीडन प्रत्यर्पित किया गया, तो अमेरिका उन्हें गिरफ्तार कर लेगा।

मेट पुलिस ने हवाले से रिपोर्ट्स में कहा गया कि असांजे ने कोर्ट में सरेंडर नहीं किया, लिहाजा उन्हें गिरफ्तार करना पड़ा। इक्वाडोर के राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो ने बताया कि उनके देश ने असांजे को दी हुई शरण वापस ले ली थी। वहीं, विकीलीक्स की तरफ से ट्वीट में कहा गया कि इक्वाडोर ने गलत तरीके से असांजे को दिया आश्रय वापस ले लिया।

गृह सचिव साजिद जावेद के ट्वीट के अनुसार, “जूलियन असांजे फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और ब्रिटेन में कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं। मैं इक्वाडोर को उसके सहयोग और यूके की मेट पुलिस का धन्यवाद अदा करता हूं। कानून से बढ़कर कोई भी नहीं है।” 47 वर्षीय असांजे ने दूतावास छोड़ने से मना कर दिया था। उनका दावा था कि अगर ऐसा हुआ, तब उन्हें अमेरिका ले जाकर विकीलीक्स की गतिविधियों के बारे में पूछा जाएगा।

वहीं, स्कॉटलैंड यार्ड की तरफ से बताया गया, “राजनयिक द्वारा उन्हें दूतावास पर बुलाया गया था, जिसके बाद इक्वाडोर की सरकार ने उन्हें दी हुई शरण वापस ले ली थी।” खबरों की मानें तो असांजे फिलहाल सेंट्रल लंदन के पुलिस थाने में हिरासत में रहेंगे, जिसके बाद उन्हें वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया जाएगा।

असांजे को लेकर यह शक भी किया जाता है कि उन्होंने 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में रूसी दखल में मदद की। कहा जाता है कि उन्होंने तब क्लिटन के अभियान और डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े कंप्यूटरों से चोरी हुई सामग्री को जारी कर दिया था। जुलाई में न्याय विभाग ने उन कंप्यूटरों को हैक करने के लिए 12 रूसी इंटेलिजेंस अधिकारियों पर आरोप लगाया था। साथ ही कहा जा रहा था कि उनमें से एक विकीलीक्स के संपर्क में था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App