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टेरीजा मे ने कहा, ब्रेग्जिट का मतलब ब्रिटेन को एकल बाजार से बाहर निकलना होगा

ब्रिटेन में 23 जून 2016 को हुए जनमत संग्रह में 51.9 फीसदी लोगों ने यूरोपीय संघ से अपने देश के अलग होने के पक्ष में मतदान किया था।

Author लंदन | January 17, 2017 11:27 PM
ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे। (फाइल फोटो)

ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने मंगलवार (17 जनवरी) को कहा कि अगले दो साल के भीतर ब्रिटेन यूरोपीय संघ से अलग होगा, लेकिन ब्रेग्जिट के समझौते का क्रियान्वयन ‘चरणबद्ध’ होगा ताकि किसी बड़े नुकसान से बचा जा सके। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि भारत जैसे देशों के साथ नए व्यापार समझौतों पर बातचीत चल रही है। अपने बहुप्रतीक्षित भाषण में टेरीजा ने यह भी कहा कि ब्रिटिश संसद के दोनों सदन ब्रेग्जिट से जुड़े किसी भी आखिरी समझौते पर मतदान करेंगे। ब्रिटिश सांसदों की ओर से यह दबाव रहा है कि यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने में मामले में उनकी अधिक भूमिका होनी चाहिए। टेरीजा ने ब्रेग्जिट के लिए वार्ता के 12 लक्ष्यों को सामने रखा जिनमें कहा गया है कि ब्रिटेन यूरोपीय संघ के साथ नए सिरे से मुक्त व्यापार समझौते के लिए आगे बढ़ेगा। वह लैंकास्टर हाउस में ब्रेग्जिट पर वरिष्ठ अधिकारियों और दुनिया भर के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रही थीं। इस दौरान ब्रिटेन में भारतीय उच्चायुक्त वाईके सिन्हा भी उपस्थित थे।

अपने 40 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैं स्पष्ट कर देना चाहती हूं। जो प्रस्ताव मैं रख रही हूं उसका मतलब एकल बाजार की सदस्यता नहीं हो सकता। इन सभी इरादों और प्रस्तावों का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि यूरोपीय संघ को छोड़ा जाए। यही वजह है कि जनमत संग्रह के दौरान दोनों पक्षों ने स्पष्ट किया कि मतदान का मतलब एकल बाजार को छोड़ना होगा।’ उन्होंने कहा, ‘हम एक व्यापक विश्व में जाना चाहते हैं, पूरी दुनिया में व्यापार करना चाहते हैं। चीन, ब्राजील और खाड़ी देशों ने पहले ही हमारे साथ व्यापार समझौते की इच्छा जता चुके हैं।’

टेरीजा ने कहा, ‘हम ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और भारत जैसे देशों के साथ भविष्य के व्यापार को लेकर बातचीत आरंभ कर दी है। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा कि ब्रिटेन अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के लिए पीछे की नहीं, बल्कि बिल्कुल आगे की कतार में है।’ टेरीजा मे के 12 लक्ष्यों में कई पहलुओं को शामिल किया गया है जिनमें अपने कानूनों पर नियंत्रण होना, संघ को मजबूत करना, आयरलैंड के साथ साझा यात्रा क्षेत्र, आव्रजन पर नियंत्रण, ब्रिटेन में यूरोपीय संघ के निवासियों और ब्रिटिश नागरिकों के अधिकार सुनिश्चित कराना, कामगारों के अधिकारों की रक्षा करना, यूरोपीय बाजारों के साथ मुक्त व्यापार और दूसरे देशों के साथ नए व्यापार समझौते की बात शामिल हैं।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैं इसकी पुष्टि कर सकती हूं कि सरकार अंतिम समझौते के अमल में आने से पहले उसे संसद के दोनों सदनों में मतदान के लिए पेश करेगी।’ उन्होंने कहा, ‘यह व्यापक तौर पर और अनिवार्य रूप से ब्रिटेन के राष्ट्रीय हित में है कि यूरोपीय संघ को सफल होना चाहिए।’ ब्रिटेन में पिछले साल 23 जून को हुए जनमत संग्रह में 51.9 फीसदी लोगों ने यूरोपीय संघ से अपने देश के अलग होने के पक्ष में मतदान किया था।’ टेरीजा मे ने कहा कि ब्रिटिश जनता ने ‘बेहतर भविष्य’ के लिए छह महीने पहले मतदान किया था और यह फैसला सिर्फ यूरोपीय संघ से अलग होने के लिए नहीं था बल्कि व्यापक विश्व को स्वीकार करने के लिए था। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि ब्रेग्जिट के परिणामस्वरूप ब्रिटेन को ‘पहले से अधिक निष्पक्ष, सुरक्षित, एकजुट और बहिर्मुखी’ होना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह वादा किया कि ब्रेग्जिट के बाद पूरी कोशिश होगी कि एकल बाजार तक पहुंच को बढ़ावा मिले। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने यूरोपीय संघ के साथ ‘नयी और बराबरी वाली साझेदारी’ का आह्वान किया।

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