British girl was taken Painkillers for husband, now may be hanged - पति के लिए लेकर गई थी पेनकिलर्स, अब हो सकती है फांसी की सजा - Jansatta
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पति के लिए लेकर गई थी पेनकिलर्स, अब हो सकती है फांसी की सजा

महिला के भाई जेम्स प्लमर का कहना है कि पुलिस ने उन्हें बताया कि उनकी बहन को अब 25 साल की जेल हो सकती है। एक वकील ने यह भी बताया कि उनकी बहन को मौत की सजा भी सुनाई जा सकती है।

ब्रिटेन की रहने वाली 33 वर्षीय लौरा प्लमर अपने पति के लिए पेनकिलर लेकर जा रही थी।(फोटो सोर्स- यूट्यूब)

मिस्र में एक महिला को पेनकिलर रखने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया गया और अब उसे 25 साल की कैद या फांसी तक हो सकती है। ब्रिटेन की रहने वाली 33 वर्षीय लौरा प्लमर अपने पति के लिए पेनकिलर लेकर जा रही थी। तभी एयरपोर्ट पर चेकिंग के दौरान लौरा के बेग से ट्रैमडॉल और नैपरॉक्सन नाम की पेनकिलर दवाइयां मिली जिनकी कीमत मात्र 23पोंड है। महिला का कहना है कि ये दवाइयां वो अपने पति के लिए लेकर आई थी जिनका कुछ वक्त पहले एक्सिडेंट हो गया था।

दरअसल लौरा प्लमर के पति मिस्र के ही रहने वाले हैं और लौरा उनसे मिलने के लिए एक साल में 2 से 4 बार ही आती हैं। ‘द सन’ की रिपोर्ट के मुताबिक लौरा के बेग में सबसे ऊपर दवाइयां ही रखी हुई थी इसलिए ये साफ होता है कि वो दवाइयां छुपाकर नहीं ला रही थी। लौरा के पास पेनकिलर बरामद करने के बाद उससे 5 घंटों तक पूछताछ कि गई और उसके बाद लौरा के सामने 38 पन्नों की फाइल साइन रखने के लिए रख दी।

फाइल अरबी भाषा में थी, ना ही लौरा को ट्रांसलेटर मुहैया कराया गया। लौरा को लगा कि वो इस बयान वाली फाइल पर साइन करके जा सकती है। इसलिए लौरा ने 38 पन्नों की बयान वाली फाइल पर साइन कर दिए। साइन करने के तुरंत बाद लौरा को कस्टडी में लेकर 15 बाय 15 की कालकोठरी में बंद कर दिया जहां पहले से ही 25 महिलाएं कैद थीं।

वही महिला के भाई जेम्स प्लमर का कहना है कि पुलिस ने उन्हें बताया कि उनकी बहन को अब 25 साल की जेल हो सकती है। एक वकील ने यह भी बताया कि उनकी बहन को मौत की सजा भी सुनाई जा सकती है। जेम्स के मुताबिक उनकी बहन को मिस्र के अधिकारियों ने ड्रग ट्रैफिकिंग के मामले में गिरफ्तार किया है, लेकिन उनकी बहन अपने मिस्र मूल के पति के लिए कुछ पेन किलर्स लाई थीं। महिला के पास ट्रैमडॉल की 29 लीफ (हर लीफ में 10 टैबलेट्स) मिलीं।

जेम्स ने बताया कि उनकी मां और दूसरी बहने मिस्र में 9 अक्टूबर को लौरा की गिरफ्तारी के बाद उससे मिलने गईं। जेम्स ने बताया कि दूसरे देश का मामला होने की वजह से उनके परिवार के पास विकल्प कम हैं और वे लाचार महसूस कर रहे हैं। दूसरी तरफ मिस्र के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘हम ब्रितानी महिला और उनके परिवार की मदद कर रहे हैं।’

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