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चीन के शियामेन शहर में होगा ब्रिक्स सम्मेलन 2017, एजेंडे में होगा राजनीतिक-सुरक्षा सहयोग

ब्रिक्स में चीन के अलावा ब्राजील, रूस, भारत और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।

Author बीजिंग | March 8, 2017 5:43 PM
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलते चीन के विदेश मंत्री वांग यी। (पीटीआई फाइल फोटो)

चीन ने बुधवार (8 मार्च) को कहा कि इस साल ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में राजनीतिक एवं सुरक्षा सहयोग बढ़ाने तथा इस समूह को विकासशील देशों के लिए ‘सबसे प्रभावशाली मंच’ बनाने के मकसद से इसको विस्तार देने का प्रयास किया जाएगा। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन सितम्बर महीने में चीन के शियामेन शहर में होगा। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक और विदेश मंत्रियों की पहली आधिकारिक बैठक की शुरुआत को लेकर बातचीत करते हुए राजनरीतिक एवं सुरक्षा सहयोग का प्रयास किया जाएगा।

ब्रिक्स में चीन के अलावा ब्राजील, रूस, भारत और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में वांग ने कहा, ‘हम मित्रों के समूह को व्यापक विस्तृत बनाएंगे और ब्रिक्स को विकासशील देशों के सहयोग का सबसे प्रभावशाली मंच बनाएंगे।’ कुछ सदस्य देशों को पेश आ रही चुनौतियों का हवाला देते हुए वांग ने कहा कि उभरते हुए बाजारों की व्यवस्था ने पिछले कुछ वर्षों में उतार-चढ़ाव देखे हैं और हर सदस्य के सामने अपनी तरह की चुनौतियां हैं। वांग ने राष्ट्रपति शी चिनफिंग को उद्धृत करते हुए कहा, ‘ब्रिक्स देश पांच अंगुलियों की तरह हैं, कोई छोटी है, कोई बड़ी है, लेकिन साथ मिलकर मजबूत मुट्ठी बनाती हैं।’

चीन की अपील, अमेरिका और उत्तर कोरिया टकराव से बचें

चीन ने कोरियाई प्रायद्वीप पर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका-दक्षिण कोरिया संयुक्त सैन्य अभ्यास पर रोक लगाने के लिए उत्तर कोरिया से अपनी परमाणु और मिसाइल गतिविधियों को निलंबित करने की अपील की है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा, ‘कोरियाई प्रायद्वीप पर मंडरा रहे संकट को कम करने के लिए चीन का प्रस्ताव है कि पहले उत्तर कोरिया अपने परमाणु और मिसाइल गतिविधियों को निलंबित करे और बदले में अमेरिका-दक्षिण कोरिया अपने सैनिक अभ्यास पर रोक लगाए।’

वांग ने चीन की सालाना संसद सत्र से इतर एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘दोनों ही पक्ष तेज गति से एक दूसरे के नजदीक आती ऐसी ट्रेनों की तरह हैं, जो एक दूसरे को रास्ता देने के लिए तैयार नहीं हैं।’ ‘सवाल यह है कि क्या दोनों ही पक्ष टकराव के लिए तैयार हैं? हमारी प्राथमिकता अभी रेड लाइट दिखाना और दोनों ही ट्रेनों पर ब्रेक लगाना है।’ प्योंगयांग ने सोमवार (6 मार्च) को समुद्र में जापान की दिशा में चार मिसाइल दागे, इनमें से तीन रॉकेट जापान के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र में गिरे थे।

सोल और वॉशिंगटन ने अपना सालान संयुक्त सैन्य अभ्यास शुरू किया है, जिससे हमेशा ही प्योंगयांग खफा रहता है। अमेरिका ने कहा है कि उसने उत्तर कोरिया की दिशा की तरफ मिसाइल रोधी तंत्र की तैनाती शुरू कर दी है जिसे बीजिंग ने अपने सुरक्षा हितों के लिए धमकी के तौर पर लिया है। वांग ने अपने प्रस्ताव के बारे में कहा, ‘निलंबन के बदले में निलंबन हमें सुरक्षा संकट को समाप्त करने में मदद करेगा और दोबारा सभी पक्षों को बातचीत के लिए साथ लाएगा।’

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