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ब्रिक्स सम्मेलन 2017: पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात, डोकलाम विवाद के बाद पहली बार हुई बात

Brics Sammelan, Summit 2017: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग डोकलाम विवाद के बाद पहली बार मिल रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई। मीटिंग की शुरुआत में मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन की कामयाबी के लिए शी जिनपिंग को बधाई दी। शी जिनपिंग ने मोदी से कहा कि चीन भारत के साथ मिलकर काम करना चाहता है। ताकि पंचशील के पांच सिद्धांतों से प्रेरणा ले सके। जिनपिंग ने आगे कहा कि भारत और चीन दोनों तेजी से उभरते देश हैं। जिनपिंग ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तें बेहतर रहेंगे तो यह दोनों देशों में रहने वाले लोगों के हित में होगा। मीटिंग के पहले हिस्से में ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़ी बातें हुईं।

डोकलाम विवाद के बाद दोनों पहली बार मिल हैं। दोनों देशों ने डोकलाम पर कोई बात नहीं की। जिनपिंग से मुलाकात के पहले मोदी मीडिया के सामने आए थे। उस कार्यक्रम में शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन भी थे। मोदी ने तालिबान,जैश और अल कायदा का नाम लेकर कहा कि उनके द्वारा हिंसा की जाती है और सभी देशों को इसके बारे में सोचना होगा। आखिरी बार दोनों ने जी20 सम्मेलन में मुलाकात की थी। वह मुलाकात जुलाई में हुई थी।

विदेश सचिव एस जयशंकर ने संवाददाताओं से कहा कि दोनों नेताओं के बीच हुई एक घंटे से अधिक समय की मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने भविष्य के संबंध में और रचनात्मक बातचीत की। जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी ने महसूस किया कि भारत और चीन के रक्षा एवं सुरक्षार्किमयों के बीच निकट संवाद होना चाहिए। उनके अनुसार दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि अच्छे संबंध रखना भारत और चीन के हित में है।

मुलाकात के दौरान मोदी और शी ने इस साल अस्ताना में उनके बीच बनी उस सहमति पर जोर दिया कि मतभेदों को विवाद नहीं बनने दिया जाए।जयशंकर ने बताया कि उन्होंने महसूस किया कि सीमावर्ती इलाकों में शांति और अमन आगे बढ़ने की एक जरूरी शर्त है। यह पूछे जाने पर कि क्या दोनों पक्ष डोकलाम गतिरोध को पीछे छोड़ चुके हैं , जयशंकर ने कहा, ‘‘ यह भविष्योन्मुखी बातचीत रही और पीछे मुड़कर देखने वाली बातचीत नहीं थी।’’

म्यांमा के अपने दौरे से ठीक पहले मोदी ने चीनी राष्ट्रपति से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उनके साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव एस जयशंकर सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार इस मुलाकात के दौरान मोदी ने ‘बेहद सफल’ ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर शी को बधाई दी। शी ने मोदी से कहा कि दोनों देशों को ‘स्वस्थ, स्थिर द्विपक्षीय संबंध’ आगे बढ़ाने चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन परस्पर राजनीतिक विश्वास को बढ़ाने, परस्पर रूप से फायदे के सहयोग को बढ़ावा देने और चीन-भारत संबंधों को सही मार्ग पर ले जाने के पंचशील के सिद्धांत के आधार पर भारत के साथ मिलकर काम करने का इच्छुक है।

यह बैठक उस वक्त हुई है जब दोनों देश 73 दिनों के डोकलाम गतिरोध के पैदा हुई कड़वाहट को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं। बीते 28 अगस्त को भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि नयी दिल्ली और बीजिंग ने डोकलाम इलाके से अपने सैनिकों को हटाने का फैसला किया है। भारतीय अधिकारियों ने पहले संकेत दिया था कि दोनों नेता विश्वास बहाली के कदमों के उपायों पर चर्चा कर सकते हैं। डोकलाम गतिरोध के बाद दोनों देशों में यह भाव आया है कि अब ‘आगे बढ़ा जाए’। इससे पहले मोदी ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतह अल-सीसी के साथ द्विपक्षीय बैठक की।

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