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BREXIT: रायशुमारी के बाद अगले 100 दिन में ऐसे बदलेगा ब्रिटेन

BREXIT: यह जनमत कोई अंत नहीं, एक लंबी और थकाऊ प्रक्रिया की शुरुआत है।

Author नई दिल्‍ली | June 24, 2016 17:52 pm
रेफरेंडम के बाद आर्थिक अनश्चितता आनी तय है। (Source: AP)

ब्रिटेन की जनता ने यूरोपियन यूनियन से अलग होने का फैसला किया है। जनमत के नतीजे आने के बाद भावुक पीएम डेविड कैमरन ने पद छोड़ने का एलान कर दिया। हालांकि, इस जनमत के शेयर बाजार और वित्‍तीय संस्‍थाओं पर पड़ने पर असर को रोकने लिए शुक्रवार सुबह से ही सरकार की इमरजेंसी कोबरा कमेटी एक्‍ट‍िव थी। ब्रिटेन के चांसलर जॉर्ज ऑसबॉर्न ने ट्रेजरी, बैंक ऑफ इंग्‍लैंड और यूरोपियन सेंट्रल बैंक के साथ इमरजेंसी बैठकें कीं। ब्रिटेन की मुद्रा पाउंड की कमजोरी को रोकने के लिए न केवल उचित कदम उठाए गए, बल्‍क‍ि बैंकों में भी लिक्‍व‍िडिटी बढ़ाई गई ताकि सिस्‍टम काम करता रहे। कैमरन अभी तीन महीने तक पीएम बने रहेंगे ताकि मार्केट की हलचल को शांत किया जा सके। इस दौरान कंजरवेटिव पार्टी को नया नेता ढूंढने का वक्‍त मिलेगा। इस बात की पूरी संभावना है कि ब्रेक्‍ज‍िट समर्थक बोरिस जॉनसन को पीएम पद की जिम्‍मेदारी मिले और वही ब्रिटेन के अलग होने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं।

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यूरोपीय संघ ने ब्रिटेन से कहा है कि जितनी जल्‍दी हो सके, आप हमसे अलग हो जाएं। हालांकि, यह जनमत कोई अंत नहीं, एक लंबी और थकाऊ प्रक्रिया की शुरुआत है। ऐसे में यह जानना दिलचस्‍प होगा कि अगले 100 दिन में ब्रिटेन में क्‍या होने वाला है

28-29 जून 2016

>इस दौरान यूरोपियन यूनियन के नेता ब्रसेल्‍स में आयोजित होने वाले समिट में जुटेंगे। इनके लिए बस एक ही मुद्दा होगा-ब्रेक्‍ज‍िट में हुआ मतदान। अगर नेताओं को मामला गंभीर लगा तो मीटिंग की अवधि कुछ दिन और बढ़ाई जा सकती है।

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>डेविड कैमरन संभवत: आधिकारिक तौर पर यूनियन के सदस्‍यों को इस बात की जानकारी देंगे कि वे लिस्‍बन समझौते के आर्टिकल 50 को लागू करेंगे। बता दें कि यह 28 देशों के यूनियन को छोड़ने की प्रक्रिया की शुरुआत होगी।

>इसके बाद, आने वाले दो साल के वक्‍त में ब्रिटेन व्‍यापार, न्‍याय और वीजा के आदान-प्रदान से जुड़ी नई व्‍यवस्‍था को लेकर ईयू के सदस्‍यों से बातचीत करेगा।

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>अगर ब्रिटेन द्वारा तय प्रावधानों पर रजामंदी बन जाती है तो ब्रिटेन वक्‍त से पहले भी ईयू से अलग हो सकता है। अगर नहीं बनी तो दो साल का वक्‍त खत्‍म होते ही वो अपने आप इस संघ से बाहर हो जाएगा।

>यूरोपियन कमीशन प्रेसिडेंट जीन क्‍लॉड जंकर ने चेतावनी दी है कि छोड़ने वालों के साथ दया का बर्ताव नहीं किया जाएगा। ऐसे में ब्रिटेन चाहेगा कि ईयू से अलग होने वाली शर्तों पर उसकी यूरोपियन यूनियन से रजामंदी बन जाएगा।

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जुलाई 6
>जनमत संग्रह के नतीजों के झटके से उबरे ब्रिटेन के अधिकारी इस तैयारी में जुटेंगे कि किस तरह से वे ईयू के साथ द्विपक्षीय व्‍यापार समझौतों समेत अन्‍य कई मुद्दों पर रजामंदी बनाए।

>आशंका है कि बाजार को गिरावट का सामना करना पड़े। हालांकि, आम जनता को अपने दैनिक जीवन में कोई बड़ा बदलाव होते न नजर आए।

>6 जुलाई को कैमरन बहुप्रतीक्षित इराक इंक्‍वायरी रिपोर्ट को सार्वजनिक किए जाने के मुद्दे पर सरकार की अगुआई करेंगे। इसके कुछ देर बाद ही उन्‍हें नाटो के एक समिट में जाना होगा।

21 जुलाई
>संसद गर्मी की छुट्ट‍ियों के लिए तैयार हो रही होगी। हालांकि, यूनियन से अलग होने की शर्तों को फाइनल करने में जुटे मंत्रियों को शायद ही राहत मिले।

>ईयू से अलग होने की योजना में ब्रिटेन का हर विभाग अपनी तैयारियों में जुटा होगा।

>हालांकि, इस दौरान ब्रिटिश पीएम कैमरन इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखे होंगे। कैमरन ईयू में ब्रिटेन के रहने की तरफदारी कर चुके हैं, ऐसे में शायद ही ऐसा हो कि उन्‍हें अलग होने के नियम और शर्तों तय करने के लिए बेहतर विकल्‍प माना जाए।

>ऐसा हो सकता है कि ब्रिटेन के अलग होने का समर्थन करने वाले एक अन्‍य मंत्री माइकल गोव को अलग होने की प्रक्रिया की देखरेख का काम सौंप दिया जाए।

>मुमकिन है कि सरकार के मुख्‍य कामकाज के लिए कैमरन अप्रासंगिक हो जाएं। उस वक्‍त पूरी मशीनरी ब्रिटेन के नए स्‍टेटस को तय करने में जुटी होगी।

>यह भी मुमकिन है कि ईयू के साथ होने का समर्थन करने वाले चांसलर जॉर्ज ऑस्‍बर्न, डिफेंस सेक्रेटरी माइकल फैलन आदि हाशिए पर चले जाएं।

>जहां तक देश की अर्थव्‍यवस्‍था का सवाल है, हो सकता है कि पाउंड में गिरावट देखने को मिले। इससे छुट्ट‍ियां मनाने वालों और इम्‍पोटर्स को नुकसान हो, लेकिन एक्‍सपोटर्स को फायदा होगा।

अगस्‍त से अक्‍टूबर तक कैसे बदलेगा ब्रिटेन, जानने के लिए क्‍ल‍िक करें 

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