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32 किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचा ऑफिस, बॉस ने दिया ऐसा गिफ्ट कि दिल हो गया बाग-बाग

32 किलोमीटर पैदल चल एक युवक अपने आॅफिस पहुंचा। वापस लौटने के दौरान भी उसे ऐसा ही करना पड़ा। लेकिन इस दौरान दो पुलिसवालों ने उसकी मदद की। इतने दूर पैदल चल ऑफिस पहुंचने की बात जानने के बाद बाॅस ने युवक को अपना कार गिफ्ट कर दिया।

32 किलोमीटर पैदल चल ऑफिस पहुंचने वाले कर्मचारी को बॉस ने कार गिफ्ट किया (Pic credit- Video grab)

किसी युवक ने पहली नौकरी ज्वाइन की और दूसरे ही दिन उसके काम से खुश होकर बॉस कार गिफ्ट कर दें तो कर्मचारी को कैसा लगेगा? शायद उसने सपने में भी ऐसा नहीं सोचा होगा। ऐसी ही एक घटना सामने आयी है संयुक्त राज्य अमेरिका के दक्षिण क्षेत्र में स्थित एक राज्य अलबामा से। यहां एक युवक वाल्‍टर कार्र को पढ़ाई के बाद पहली नौकरी मिली थी। ऑफिस घर से 20 मील (32 किलोमीटर) दूर था। इसलिए युवक ने रात से ही ऑफिस जाने की तैयारी शुरू कर दी ताकि उसे देर न हो। वह समय पर ऑफिस पहुंच जाए। रात में ही वह घर से ऑफिस के लिए निकल गया, लेकिन बीच रास्ते में ही कार खराब हो गई। उसके पास आॅफिस पहुंचने के लिए कोई और साधन नहीं था। आखिरकार उसने पैदल ही आॅफिस जाने का फैसला किया, ताकि समय पर पहुंच जाए।

वाल्टर ने रात 11:30 से अपना सफर शुरू किया। करीब चार घंटे चलने के बाद थकान की वजह से वह एक पार्क में बैठ गए। वहां उस वक्त पेट्रोलिंग के दौरान गुजर रहे पुलिस अधिकारी मार्क नाइथेन ने वाल्टर को देख अपनी गाड़ी रोकी और पूछताछ की। सारी कहानी जानने के बाद मार्क को लगा कि यदि वाल्टर इसी तरह चलता भी जाएगा तो समय पर ऑफिस नहीं पहुंचेगा। मार्क ने तब वाल्टर को खाने के लिए दिया और आराम करने के लिए उसे पास के एक चर्च में ले गए। इसके बाद उसे समय पर ऑफिस पहुंचने में मदद की।

आॅफिस से काम खत्म होने के बाद वापस घर लौटने के लिए भी वाल्टर पर पास गाड़ी नहीं थी। इसलिए उसने पैदल ही वापस लौटने का निर्णय लिया। लौटने के दौरान भी एक पुलिसवाले ने वाल्टर की मदद की और उसकी बात सुनकर इतने प्रभावित हुए कि पूरी घटना को फेसबुक पर शेयर कर दिया। यह कहानी वायरल हो गई। जब कंपनी के सीईओ लूक मार्कलिन ने इस कहानी को पढ़ा तो वे भी काफी प्रभावित हुए। उन्हाेंने कुछ अलग करने का निश्चय किया। अगले दिन उन्होंने अपनी गाड़ी वाल्टर को दे दी। वाल्टर गाड़ी मिलने पर काफी खुश हुआ। उसने सपने में भी इसकी उम्मीद नहीं थी। वहीं मार्कलिन ने इस पूरे घटना पर लिखा कि एेसे कर्मचारी काफी कम होते हैं। लेकिन जो हाते हैं उनकी इज्जत जरूर करनी चाहिए।

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