बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने संसदीय चुनावों में दो-तिहाई से अधिक बहुमत के साथ शानदार जीत हासिल की है। देश में पिछले साल अगस्त में छात्रों के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद अगस्त 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटना पड़ा था।

बीएनपी इससे पहले 2001 से 2006 के बीच बांग्लादेश की सत्ता में थी, उस वक्त जमात-ए-इस्लामी उसकी अहम सहयोगी थी।

बांग्लादेश के चुनाव आयोग द्वारा शुक्रवार को घोषित किए गए नतीजों के मुताबिक, बीएनपी ने 297 में से 209 सीट हासिल की हैं, जबकि पाकिस्तान के करीबी मानी जाने वाली दक्षिणपंथी जमात-ए-इस्लामी ने 68 सीट जीती हैं।

चुनाव आयोग ने चट्टोग्राम-दो और चट्टोग्राम-चार सीट पर नतीजों की घोषणा स्थगित कर दी है। एक सीट पर एक उम्मीदवार की मृत्यु के कारण चुनाव स्थगित किया गया था। शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था। चुनाव में 59.44 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला था।

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आम चुनाव में सात महिला उम्मीदवार विजयी हुई हैं, जिनमें से अधिकांश बीएनपी से हैं।

बीएनपी के शीर्ष नेता तारिक रहमान पहली बार मुल्क के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। वह अंतरिम सरकार के मुखिया नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस की जगह लेंगे। यूनुस के कार्यकाल में बांग्लादेश और भारत के बीच रिश्तों में काफी गिरावट आई है।

बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के बीच थी टक्कर

संसदीय चुनाव को बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के बीच सीधी टक्कर के रूप में देखा जा रहा था। जमात-ए-इस्लामी ने 11 दलों के गठबंधन का नेतृत्व किया था। जमात की प्रमुख सहयोगी नेशनल सिटीजन पार्टी को केवल छह सीट मिलीं।

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नेशनल सिटीजन पार्टी का गठन ‘स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन’ ने किया था। इसने अगस्त, 2024 में शेख हसीना के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व किया था।

इस बीच, जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटीजन पार्टी ने कई सीटों पर नतीजों में हेरफेर करने और सुनियोजित धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं।

‘जुलाई चार्टर’ के पक्ष में दिया वोट

बांग्लादेश में 84-सूत्री सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह के साथ ही 13वां आम चुनाव कराया गया। सुधार पैकेज को ‘जुलाई चार्टर’ के नाम से भी जाना जाता है। चुनाव आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद के अनुसार, जनमत संग्रह में 60.26 प्रतिशत मतदान हुआ, जिसमें ‘हां’ वोट को स्पष्ट बहुमत मिला।

अख्तर अहमद ने पत्रकारों को बताया कि आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 4,80,74,429 वोट “हां” के पक्ष में डाले गए, जबकि 2,25,65,627 मतदाताओं ने “नहीं” को चुना।

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पीएम मोदी ने दी रहमान को बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने चुनाव में बीएनपी के प्रदर्शन पर तारिक रहमान को बधाई दी। मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “मैंने बांग्लादेश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के उनके प्रयासों में अपनी शुभकामनाएं और समर्थन व्यक्त किया।” इससे पहले एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के प्रति अपना समर्थन जारी रखेगा।

बीएनपी ने आम चुनाव के नतीजों को मान्यता देने के लिए भारत और प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि नई सरकार के कार्यकाल में दोनों देशों के संबंध मजबूत होंगे। शेख हसीना के नेतृत्व वाली सरकार के गिरने के बाद से भारत-बांग्लादेश संबंधों में गंभीर तनाव देखने को मिला है।

ढाका स्थित अमेरिकी दूतावास ने बांग्लादेश की जनता को सफल आम चुनाव के लिए बधाई दी। चीन और पाकिस्तान ने भी तारिक रहमान को पार्टी की जीत पर बधाई दी।

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