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दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा से गुस्साए चीन की भारत को धमकी- कश्मीर में कर सकते हैं दखलंदाजी

तिब्बत के 81 वर्षीय आध्यात्मिक नेता दलाई लामा नौ दिन की अरूणाचल यात्रा पर हैं

बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा की तस्वीर

तिब्बत के आध्यात्मिक नेता दलाई लामा की अरूणाचल प्रदेश यात्रा को लेकर चीन की ओर से भारत को लगातार धमकियां मिल रही हैं। बुधवार को चले वाकयुद्ध के बाद गुरुवार को भारत द्वारा दलाई लामा को निमंत्रण देना अशिष्ट कदम बताते हुए चीन ने धमकी दी है कि बीजिंग ‘अशांत’ कश्मीर में दखलंदाजी कर सकता है। स्थानीय मीडिया के जरिए चीन ने दावा किया कि पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश का अधिकतम हिस्सा तिब्बत का है, साथ ही धर्मशाला में रह रहे दलाई लामा को अलगाववादी बताया। बता दें कि चीन की सीमा पाक-अधिकृत कश्मीर (PoK) और जम्मू-कश्मीर के लद्दाख की सीमा से जुड़ी हुआ है। चीनी मीडिया के अलावा, वहां के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भी भारत पर निशाना साधा है।

गौरतलब है कि तिब्बत के 81 वर्षीय आध्यात्मिक नेता अरूणाचल प्रदेश में अपनी नौ दिन की यात्रा शुरू करने बुधवार को पश्चिमी कामेंग जिले के बोमडिला पहुंचे थे। वर्ष 2009 में अरूणाचल प्रदेश के दौरे के आठ साल बाद दलाई लामा राज्य पहुंचे। उनकी वह यात्रा उस घटना के ठीक 50 वर्षों बाद हुई थी जब वह तिब्बत के ल्हासा से भारत आए थे। इससे पहले, बीजिंग ने नयी दिल्ली को आगाह किया था कि दलाई लामा की तवांग यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचेगा।

चीन ने भारत पर इस दौरे की इजाजत देकर द्विपक्षीय रिश्तों को ‘‘गंभीर नुकसान’’ पहुंचाने का आरोप लगाया है तो नयी दिल्ली ने स्पष्ट कर दिया कि यह एक धार्मिक गतिविधि है। दलाई लामा के दौरे को लेकर चीन ने बीजिंग में भारतीय राजदूत विजय गोखले को बुलाकर अपना विरोध दर्ज कराया था। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘चीन की चिंताओं की उपेक्षा करते हुये भारत ने दुराग्रहपूर्वक चीन-भारत सीमा के पूर्वी हिस्से के विवादित इलाकों में दलाई लामा का दौरा कराया, जिससे चीन के हितों और चीन-भारत संबंधों को गंभीर नुकसान पहुंचा।’’

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