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अमेरिका ने ‘साउथ चाइना सी’ में भेजा जंगी जहाज, तिलमिलाए चीन ने दी युद्ध की धमकी

चीन ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर वह इस प्रकार से उकसावे की कार्रवाई करेगा तो परिणाम गंभीर होंगे। 'साउथ चाइना सी' के विवादित क्षेत्र में चीन कृत्रिम द्वीप बना रहा है।

Author बीजिंग | July 6, 2017 4:23 PM
‘साउथ चाइना सी’ में तैनात अमेरिकी युद्धपोत ‘यूएसएस लासेन’।

पिछले महीने पाकिस्‍तान के साथ मिलकर राजस्‍थान से लगी सीमा पर जबर्दस्‍त सैन्‍य अभ्‍यास कर भारत को आंखें दिखाने वाला चीन अब तिलमिला रहा है। ‘साउथ चाइना सी’ में अमेरिकी जंगी जहाज “यूएसएस लासेन” की मौजूदगी से चीन आगबबूला हो गया है। चीन ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर वह इस प्रकार से उकसावे की कार्रवाई करेगा तो परिणाम गंभीर होंगे।

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‘साउथ चाइना सी’ के विवादित क्षेत्र में चीन कृत्रिम द्वीप बना रहा है। इसे लेकर वियतनाम और मलेशिया समेत कई देशों के साथ उसका तनाव चल रहा है, लेकिन चीन इसका निर्माण रोक नहीं रहा है। सीधे शब्‍दों में कहें तो अमेरिका ने चीन की दुखती रग पर हाथ रख दिया है। दूसरी ओर अमेरिका ने भी कड़े तेवर अख्तियार कर लिए हैं, उसका कहना है कि वह विवादित क्षेत्र में यूएस नेवी पी.8, सर्विलांस प्लेन और संभवतः पी.3 सर्विलांस प्लेन की भी तैनाती करेगा। अमेरिका का कहना है कि वह ‘साउथ चाइना सी’ के पूरे विवादित क्षेत्र की निगरानी करेगा।

अमेरिकी जंगी जहाज इसी 12 समुद्री मील के दायरे के निकट पहुंच गया है और वह घंटों तक तैनात रहेगा। अमरीका के एक रक्षा अधिकारी ने कहा कि युद्धपोत ने आज सुबह सुबी के पास से यह यात्रा शुरू की। यह युद्धपोत गाइडेड मिसाइलों को तबाह रखने की ताकत रखता है। अमरीकी डिफेंस अधिकारियों का कहना है कि इससे युद्धपोत के अलावा यूएस नेवी पी.8, सर्विलांस प्लेन और संभवतः पी.3 सर्विलांस प्लेन भी भेजे जाएंगे। ये सभी विवादित इलाके की निगरानी करेंगे।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता ल्‍यू कांग ने कहा कि अमेरिकी जंगी जहाज हमारे कृत्रिम द्वीप के बेहद करीब आ गया था। उन्‍होंने वॉशिंगटन को धमकी देते हुए कहा कि चीन ऐसी किसी भी कार्रवाई को बर्दाश्‍त नहीं करेगा। ‘साउथ चाइना सी’ एनर्जी रिसोर्सेस से भरपूर है। इस क्षेत्र में हर साल करीब 7 ट्रिलियन डॉलर का बिजनेस किया जाता है। यही कारण है कि चीन के साथ वियतनाम, मलेशिया, इंडोनेशिया, ताइवान और ब्रुनेई भी साउथ चाइना सी पर अपना-अपना हक जताते हैं।

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