सीरिया की एक अदालत ने मंगलवार को देश के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद और उनके छोटे भाई को मौत की सजा सुनाई। यह सजा उन्हें सीरिया के 14 साल लंबे संघर्ष के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों और युद्ध अपराधों के लिए सुनाई गई। इसमें लगभग पांच लाख लोग मारे गए थे।

यह पहली बार है जब बशर अल-असद सजा सुनाई गई है। उन्हें दिसंबर 2024 में विद्रोहियों के हमले में सत्ता से हटा दिया गया था। इसी मामले में असद के ममेरे भाई आतिफ नजीब को भी मौत की सजा सुनाई गई।

आरोप है कि नजीब द्वारा सीरिया के दक्षिणी राज्य दारा में लिए गए एक्शन की वजह से विद्रोह शुरू हुआ और बाद में गृह युद्ध छिड़ गया। न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार, कड़ी सुरक्षा के बीच जब जज सजा सुना रहे थे, तब नजीब कैदी की वर्दी पहने हुए एक पिंजरे के अंदर खड़ा था। 

दिसंबर 2014 में विद्रोहियों के दमिश्क में घुसने के बाद बशर अल-असद और उनके भाई माहेर रूस भाग गए थे। बाद में नजीब को हिरासत में ले लिया गया और वह मुकदमे का सामना करने वाले सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में से एक बन गया। नजीब सीरियाई सेना का पूर्व ब्रिगेडियर जनरल है। वह साल 2011 में असद के शासनकाल के दौरान दक्षिणी सीरिया के दारा प्रांत में पॉलिटिकल सिक्योरिटी ब्रांच का प्रमुख था।

1965 में हुआ जन्म, 2000 में बने सीरिया के राष्ट्रपति

बशर अल-असद का जन्म साल 1965 में हुआ था। वह साल 2000 में अपने पिता हाफिज की मौत के बाद सीरिया के राष्ट्रपति बने। उन्होंने सुन्नी मुस्लिम-बहुसंख्यक देश में अपने परिवार के शासन और अपने अलावी पंथ के दबदबे को बनाए रखा। इसके अलावा उन्होंने इजरायल और अमेरिका के विरोधी ईरान के सहयोगी के तौर पर सीरिया की स्थिति को भी कायम रखा।

बशर अल-असद के राष्ट्रपति बनने के बाद उनके शुरुआती साल में इराक युद्ध और लेबनान के संकट से प्रभावित रहे। इसके बाद साल 2011 के अरब स्प्रिंग से शुरू हुआ। अरब स्प्रिंग के दौरान डेमोक्रेसी की मांग कर रहे सीरियाई लोग सड़कों पर उतर आए। इस पर सीरिया की सरकार ने सख्त एक्शन लिया, जिसके बाद जनता का विरोध बड़े गृह युद्ध में बदल गया।

साल 2008 में भारत आए थे बशर

सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद साल 2008 में भारत आए थे। यह राष्ट्रपति के रूप में उनकी एकमात्र भारत यात्रा थी। उस समय मनमोहन सिंह भारत के प्रधानमंत्री थे। उस समय सीरिया के राष्ट्रपति के रूप में बशर अल-असद ने भारतीय कारोबारियों को ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में मौजूद संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया।

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सीरिया की सरकारी मीडिया ने एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी के हवाले से बताया कि राजधानी दमिश्क के बीच में ये दोनों विस्फोट आईईडी के जरिए किए गए। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।