ताज़ा खबर
 

ओबामा: भारत की हालत देख रो पड़ते महात्मा गांधी

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में सभी धर्मों के बीच व्याप्त ‘असहिष्णुता के कृत्य’ से महात्मा गांधी स्तब्ध रह जाते। ओबामा का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब व्हाइट हाउस ने धार्मिक सहिष्णुता के मुद्दे पर नई दिल्ली में दिए गए उनके सार्वजनिक भाषण पर सफाई […]

Author February 6, 2015 12:43 pm
धार्मिक स्वतंत्रता से देश मज़बूत होता है: बराक ओबामा

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में सभी धर्मों के बीच व्याप्त ‘असहिष्णुता के कृत्य’ से महात्मा गांधी स्तब्ध रह जाते।

ओबामा का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब व्हाइट हाउस ने धार्मिक सहिष्णुता के मुद्दे पर नई दिल्ली में दिए गए उनके सार्वजनिक भाषण पर सफाई दी थी। ओबामा के नई दिल्ली के बयान को भाजपा पर अप्रत्यक्ष हमला माना जा रहा था।


हाई-प्रोफाइल ‘नेशनल प्रेयर ब्रेकफास्ट’ के दौरान अपनी टिप्पणी में ओबामा ने कहा, ‘मिशेल और मैं भारत से वापस लौटे हैं। अतुलनीय, सुन्दर देश, भव्य विविधताओं से भरा हुआ, लेकिन वहीं पिछले कुछ वर्षों में कई मौकों पर दूसरे धर्म के अन्य लोगों ने सभी धर्मों के लोगों को निशाना बनाया है, ऐसा सिर्फ अपनी विरासत और आस्था के कारण हुआ है। यह असहिष्णु व्यवहार देश को उदार बनाने में मदद करने वाले गांधीजी को स्तब्ध कर दिया होता।’

हाल ही में भारत से लौटे अमेरिकी राष्ट्रपति पिछले कुछ वर्षों में देश के विभिन्न धर्मों के लोगों द्वारा एक-दूसरे पर किए गए हमलों का हवाला दे रहे थे। बराक ओबामा ने किसी धर्म विशेष का नाम नहीं लिया और कहा कि हिंसा किसी एक समूह या धर्म से नहीं जुड़ा हुआ है।


तीन हजार से ज्यादा अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय नेताओं को संबोधित करते हुए ओबामा ने कहा, ‘पूरे मानव इतिहास में मानवता इन सवालों से जूझती रही है। और हम उनसभी से खुद को अलग करके सोचते हैं कि यह सिर्फ कुछ जगहों का मामला है, लेकिन याद करें धर्मयुद्ध (क्रूसेड) और धार्मिक न्याय के दौरान लोगों ने क्राइस्ट (यीशू मसीह) के नाम पर कितने वीभत्स कर्म किए थे।’

उन्होंने कहा, ‘हमारे गृह राष्ट्र में, दासता और जिम क्रो (राज्य और राष्ट्र के कानूनों में नस्ल के आधार पर भेदभाव) को भी अकसर ईसा मसीह के नाम पर सही ठहराया गया।’ उन्होंने कहा, ‘हममें एक आदत है, गलत आदत जो हमारी आस्था को रोकती और उसका स्वरूप बिगाड़ती है। वर्तमान दुनिया में जब घृणा फैलाने वाले समूहों का अपना ट्विटर अकाउंट है और धर्मांधता साइबर दुनिया में छुपे हुए जगहों पर पनप रही है, ऐसे में इस प्रकार की असहिष्णुता से निपटना और मुश्किल है।’

ओबामा ने कहा, ‘लेकिन ईश्वर हमें कोशिश करने को बाध्य करता है।’ अमेरिका की भांति 27 जनवरी को नयी दिल्ली में ‘टाउन हॉल’ संबोधन में ओबामा ने धार्मिक सहिष्णुता का मुद्दा उठाया था और भारत को चेताया था कि भारत उस वक्त तक सफल बना रहेगा जब तक वह धार्मिक आधार पर नहीं बंटता।

व्हाइट हाउस ने बुधवार को इन आरोपों को सिरे से खारिज किया कि धार्मिक सहिष्णुता पर ओबामा की टिप्पणी सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की ओर इशारा थी। उसने कहा कि भाषण पूरी तरह से अमेरिका और भारत के ‘मूल लोकतांत्रिक मूल्यों और सिद्धांतों’ पर आधारित था।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App