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बराक ओबामा ने भारतीय मूल के तिब्बती का कांग्रेस के चुनाव में किया समर्थन

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नवंबर में होने वाले कांग्रेस के चुनाव के लिए भारतीय मूल के तिब्बती के अमेरिकी वंशज आफताब पुरेवाल का समर्थन किया है।

Author Updated: August 2, 2018 4:53 PM
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नवंबर में होने वाले कांग्रेस के चुनाव के लिए भारतीय मूल के तिब्बती के अमेरिकी वंशज आफताब पुरेवाल का समर्थन किया है।
गौरतलब है कि पुरेवाल का नाम 80 से अधिक डेमोक्रेटिक प्रत्याशियों की उस पहली सूची में है जिसे पूर्व राष्ट्रपति ने जारी किया है। पुरेवाल (35) ओहायो से प्रतिनिधि सभा में जाना चाहते हैं। ओहायो पहला कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट है। नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव में विभिन्न पदों के लिए भाग्य आजमाने वाले 81 प्रत्याशियों की सूची में पुरेवाल एकमात्र भारतीय-तिब्बती मूल के अमेरिकी हैं।

ओबामा ने कल अपनी पहली सूची जारी करते हुये कहा ‘‘मुझे डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के प्रभावशाली समूह का समर्थन करते हुए गर्व महसूस हो रहा है। इसमें देशभक्त और बड़े दिल वाले विविध लोग शामिल हैं जो अमेरिका के लिए प्रतिनिधित्व करने की दौड़ में शामिल हैं। इनमें से एक चौथाई अमेरिकी कांग्रेस की रेस में हैं। स्थानीय मीडिया की खबर के मुताबिक, पुरेवाल रिपब्लिकन कांग्रेस के नेता स्टीव शैबोट की जगह पर कांग्रेस में जाना चाहते हैं जो 11वीं बार ओहायो का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। हाल के दिनों में प्रचार अभियान में लगे पुरेवाल ने कहा कि ओबामा ने उन्हें सार्वजनिक सेवा से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही ओबामा ने जातीय तनाव और आदिवासी संघर्षो को समाप्त करने का आह्वान किया था। उन्होंने इसके लिए अफ्रीकी देश केन्या का हवाला दिया, जो उनके पिता का जन्म स्थान है। ‘एफे’ की रिपोर्ट के अनुसार, केन्या दौरे के दूसरे व अंतिम दिन ओबामा ने अपनी सौतेली बहन ऑमा द्वारा कोगेलो में संचालित युवा केंद्र सॉती कू फाउंडेशन के उद्घाटन के मौके पर संवाददाताओं के समक्ष यह बात कही थी।

ओबामा ने समारोह के दौरान कहा, “केन्या ने हाल के दशकों में असाधारण कदम उठाए हैं। इस अद्भुत देश में वास्तविक प्रगति हुई है और इससे केन्या के युवाओं को प्रोत्साहित होकर और प्रगति करनी चाहिए। ओबामा की टिप्पणी अगस्त 2017 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद केन्या की राजनीति में हाल ही में हुए उथल-पुथल के संदर्भ में थी जब विपक्षी नेता रैइला ओडिंगा ने धोखाधड़ी का हवाला देते हुए राष्ट्रपति उहुरू केन्याट्टा के पुननिर्वाचन को स्वीकार करने से मना कर दिया था।

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