बांग्लादेश के राजधानी ढाका में शुक्रवार दोपहर कट्टरपंथी संगठन इंकलाब मोर्चा के हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर आ गए। साथ ही इन कट्टरपंथियों ने बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार डॉ. मोहम्मद यूनुस के आधिकारिक आवास ‘जमुना’ पर कब्जा करने की कोशिश की।
यह प्रदर्शन बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव के ठीक छह दिन पहले घटित हुई है।
पुलिस ने वाटर कैनन का किया इस्तेमाल
बांग्लादेशी न्यूज वेबसाइट डेली स्टार के मुताबिक, प्रदर्शनकारी उस्मान हादी के हत्यारे को पकड़ने की मांग कर रहे थे। यूनुस के आवास पर कब्जे के दौरान प्रदर्शनकारी और पुलिस के बीच झड़प हो गई। पुलिस ने ढाका के शाहबाग में उनके प्रदर्शन को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस, साउंड ग्रेनेड और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
कैसे शुरू हुई झड़प?
इंकलाब मोर्चा के कार्यकर्ता उस्मान हादी मामले में न्याय की मांग कर रहे थे। दोपहर दो से तीन बजे के दौरान प्रदर्शनकारी पुलिस बैरिगेड्स को पार करने की कोशिश करने लगे, जिस पर पुलिस ने उन्हें रोका तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी कर दी। इसके बाद हालात बिगड़ गए और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया।
40 कार्यकर्ता हुआ घायल
डेली स्टार के मुताबिक, देर शाम तक पुलिस और प्रदर्शनकारी के बीच झड़प हो रही थी। इस झड़प में कम से कम 40 कार्यकर्ता घायल हो गए हैं। इस झड़प का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें पुलिस को बैरिकेड लगाते, पानी की बौछार करते, आंसू गैस और साउंड ग्रेनेड का इस्तेमाल करते हुए देखा गया।
आज की कार्रवाई से अगले सप्ताह होने वाले चुनाव पर एक बड़ा खतरा मंडरा सकता है।
कब मारी गई थी हादी को गोली?
उस्मान हादी को 12 दिसंबर 2025 में ढाका के पलटन इलाके में गोली मार दी गई थी, हालात बिगड़ने पर उन्हें 15 दिसंबर को सिंगापुर के जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां तीन दिन बाद यानी 18 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। आगे पढ़िए बांग्लादेश और अमेरिका के बीच 9 फरवरी को हो सकती है ट्रेड डील
