पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में नई बनी तारिक रहमान की सरकार भारतीय यात्रियों के लिए वीजा सेवाओं को फिर से पूरी तरह शुरू कर सकती है। हालांकि इस बारे में आधिकारिक रूप से कोई घोषणा नहीं हुई है।

भारत इस तरह के संकेतों को तारिक रहमान की सरकार के द्वारा एक नई पहल के रूप में देख रहा है। यह भी कहा जा रहा है कि भारत भी वीजा सेवाओं को सामान्य बनाने की दिशा में कदम उठा सकता है।

बांग्लादेश में हाल ही में हुए आम चुनावों में तारिक रहमान की अगुवाई वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को जबरदस्त जीत मिली थी। रहमान ने नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

‘तकनीकी रोक’ लगाई थी

बांग्लादेश ने 12 फरवरी को हुए आम चुनाव से पहले संवेदनशील हालात को देखते हुए गैर जरूरी यात्रा के लिए वीजा जारी करने पर ‘तकनीकी रोक’ लगा दी थी। यह फैसला उस वक्त की अंतरिम सरकार की ओर से जनवरी के महीने में लिया गया था हालांकि किसी जरूरी काम, आपातकालीन स्थिति में भारत से बांग्लादेश आने वालों को वीजा देना देने पर कोई रोक नहीं थी।

इससे पहले भारत ने 5 अगस्त, 2024 के बाद बांग्लादेशी नागरिकों के लिए वीजा पर रोक लगा दी थी। तब अवामी लीग की अगुवाई वाली शेख हसीना की सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। इसके बाद 23 दिसंबर को काउंसलर और वीजा सेवाओं को अस्थाई रूप से निलंबित कर दिया गया था।

पीएम मोदी ने दी थी जीत की बधाई

तारिक रहमान की सरकार बनने के बाद भारत ने ढाका से संपर्क बढ़ाया है। बीएनपी की जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रहमान को बधाई दी थी। भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे। उनके साथ बांग्लादेश गए विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री ने वहां के मुख्य विपक्षी दल जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीक रहमान से मुलाकात की थी।

बीते साल विदेश मंत्री एस. जयशंकर तारिक रहमान से मिले थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बीते महीने नई दिल्ली में स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन भी गए थे। भारत की ओर से उठाए गए इन सभी कदमों को बांग्लादेश के प्रति सकारात्मक रूप में देखा गया था और तारिक रहमान ने भी अपने चुनाव अभियान के दौरान भारत विरोधी कोई बयान नहीं दिया था।