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बांग्लादेश में प्रोफेसर की हत्या, हमलावरों ने धारदार हथियारों किया वार

बांग्लादेश में बुद्धिजीवियों और कार्यकर्ताओं पर हुए बर्बर हमलों की श्रृंखला में यह एक ताजा घटना है।

Author ढाका | April 23, 2016 16:44 pm
बांग्लादेश के पश्चिमी हिस्से में अज्ञात हमलावरों ने एक प्रोफेसर की शनिवार सुबह उसके घर के पास हत्या कर दी। (representative picture)

पश्चिमोत्तर बांग्लादेश में अज्ञात हमलावरों ने एक प्रोफेसर की शनिवार (23 अप्रैल) सुबह उसके घर के निकट हत्या कर दी। मुस्लिम बहुल देश में ब्लॉगर्स, बुद्धिजीवियों और कार्यकर्ताओं पर हुए बर्बर हमलों की श्रृंखला में यह एक ताजा घटना है। पुलिस ने बताया कि राजशाही शहर में राजशाही यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एएफएम रेजाउल करीम सिद्दीकी (58) की उनके आवास से करीब 50 मीटर से कम दूरी पर हत्या कर दी गई।

स्थानीय थाना के प्रभारी शहादत हुसैन ने बताया, ‘‘सुबह करीब साढ़े सात बजे हमलावरों ने प्रोफेसर पर पीछे से धारदार हथियारों से उस समय वार किया जब वह अपने घर से टहल कर विश्वविद्यालय परिसर की ओर जा रहे थे।’’उन्होंने बताया कि अंग्रेजी साहित्य के प्रोफेसर की तत्काल मौत हो गयी और उनकी मौत के बाद हमलावर घटनास्थल से फरार हो गये।

राजशाही थाना के पुलिस आयुक्त मोहम्मद शमसुद्दीन ने घटनास्थल पर संवाददाताओं को बताया कि ‘‘हत्या के तरीके से लगता है कि यह आतंकवादियों का एक कृत्य हो सकता है।’’ उन्होंने बताया कि प्रोफेसर के गर्दन पर कम से कम तीन बार हमला किया गया है और वह 70-80 प्रतिशत कट गई है। उन्होंने बताया कि हमले की प्रकृति से ऐसा प्रतीत होता है कि यह अतिवादी संगठनों का काम है।

हत्या के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। अभी तक किसी भी संगठन ने हत्या की जिम्मेदारी नहीं ली है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस बीच, विश्वविद्यालय के गुस्साये शिक्षक और छात्रों ने अपराधियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग को लेकर विश्वद्यिालय परिसर में रैली निकाली।

राजशाही यूनिवर्सिटी के एक अन्य प्रोफेसर एकेएम शैफिउल इस्लाम की दो वर्ष पहले इसी प्रकार हत्या कर दी गई थी। हालांकि शुरुआत में इस्लामी कट्टरपंथियों ने उनकी हत्या करने का दावा किया था, लेकिन बाद में पुलिस ने इस संभावना से इनकार कर दिया था। पुलिस ने कहा था कि उनकी हत्या निजी दुश्मनी के चलते हुई।

बहरहाल, कुछ वर्ष पहले राजशाही यूनिवर्सिटी के दो अन्य प्रोफेसरों की भी हत्या कर दी गई थी। बांग्लादेश में पिछले कुछ महीने से विशेषकर अल्पसंख्यकों, धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों, बुद्धजीवियों और विदेशियों पर सुनियोजित हमले हो रहे हैं। चार प्रख्यात धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों की पिछले वर्ष हत्या की गई थी।

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