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बांग्लादेश में पुलिस ने ढाका कैफे के ‘मास्टरमाइंड’, दो अन्य को मुठभेड़ में किया ढेर

पुलिस ने 30 वर्षीय तमीम अहमद चौधरी की पहचान ढाका में एक जुलाई को कैफे पर हुए देश के भीषणतम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड के रूप में की थी। इस हमले में एक भारतीय लड़की सहित 22 लोग मारे गए थे।

Author ढाका | Updated: August 27, 2016 5:33 PM
ढाका के राजनयिक इलाके के एक रेस्तरां में बंधक संकट के बाद रास्ते को बंद कर दिया गया। (एपी फोटो)

बांग्लादेश पुलिस ने शनिवार (27 अगस्त) को राष्ट्रीय राजधानी के बाहरी इलाके में एक आतंकी ठिकाने पर धावा बोला और ढाका कैफे हमले के ‘मास्टरमाइंड’ कनाडाई-बांग्लादेशी तमीम अहमद चौधरी तथा दो अन्य इस्लामी चरमपंथियों को मार गिराया। आतंकवाद रोधी प्रकोष्ठ के अतिरिक्त उपायुक्त सनोवर हुसैन के हवाले से बीडीन्यूज 24 डॉट कॉम ने कहा, ‘मुठभेड़ आज (शनिवार, 27 अगस्त) सुबह तब शुरू हुई जब पुलिस ने नारायणगंज के पिकेपरहा में एक इमारत पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की।’ प्रकोष्ठ के प्रमुख मोनिरुल इस्लाम ने पूर्व में कहा कि छापेमारी प्रतिबंधित जमातुल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के एक गिरफ्तार आतंकी से मिली सूचना के आधार पर की गई ।

पुलिस प्रवक्ता जलालुद्दीन ने पुष्टि की कि शनिवार (27 अगस्त) सुबह की कार्रवाई में मारे गए लोगों में तमीम अहमद चौधरी शामिल है। पिछले महीने राजधानी में नौ संदिग्ध इस्लामी आतंकवादियों के मारे जाने के बाद यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। नारायणगंज के पुलिस अधीक्षक मैनुल हक के हवाले से डेली स्टार ने कहा कि आतंकवाद रोधी और सीमा पार अपराध प्रकोष्ठ, पुलिस मुख्यालय और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने सुबह से ही एक मकान की इस सूचना के आधार पर घेराबंदी शुरू कर दी थी कि वहां आतंकवादियों का एक समूह रह रहा है। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने जब मकान में घुसने की कोशिश की तो अपराधियों ने भीतर से गोलीबारी शुरू कर दी।

पुलिस ने 30 वर्षीय चौधरी की पहचान ढाका में एक जुलाई को कैफे पर हुए देश के भीषणतम आतंकी हमले के मास्टरमाइंड के रूप में की थी। इस हमले में एक भारतीय लड़की सहित 22 लोग मारे गए थे। जांचकर्ताओं के अनुसार चौधरी पांच हमलावरों को उनके बसुंधरा फ्लैट से गुलशन, ढाका लेकर गया था। एक जुलाई को कैफे पर हमला प्रकरण शुरू होने से ठीक पहले वह उन्हें वहां छोड़कर चला गया। जांच के दौरान यह भी पता चला कि वह सात जुलाई को ईद के दिन शोलकिया में हुए हमले में भी शामिल था। इस हमले में दो कांस्टेबल, एक हमलावर और एक स्थानीय महिला सहित चार लोग मारे गए थे।

चौधरी उन नौ आतंकवादियों का भी निर्देशक था जो 26 जुलाई को कल्याणपुर में एक पुलिस अभियान में मारे गए थे। पुलिस के अनुसार चौधरी कनाडा में रहा करता था और 2013 में बांग्लादेश आने से पहले उसने संभवत: वित्तपोषकों का एक नेटवर्क विकसित कर लिया था। इस महीने के शुरू में पुलिस ने घोषणा की थी कि जो व्यक्ति चौधरी की गिरफ्तारी कराने वाली सूचना देगा, उसे 20 लाख टके का पुरस्कार दिया जाएगा। आईएसआईएस ने कैफे हमले की जिम्मेदारी ली थी। जांचकर्ताओं ने पूर्व में चौधरी की पहचान नव-जमातुल मुजाहिदीन के नेता के रूप में की थी।

विश्लेषकों के अनुसार इस संगठन की निष्ठा खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस के प्रति है। पुलिस प्रमुख ने पूर्व में कहा था कि ढाका ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने को कहा है क्योंकि चौधरी को पकड़ने के लिए बांग्लादेश में जारी व्यापक अभियान के चलते वह पड़ोसी देश में घुसपैठ कर सकता है। चौधरी का परिवार पूर्वोत्तर बांग्लादेश के सिलहट जिले से ताल्लुक रखता है और उसका नाविक पिता शफी अहमद चौधरी 1970 के दशक के शुरू में कनाडा चला गया था।

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