बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने गुरुवार को राजधानी ढाका में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के एक कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां उन्होंने हिंदुओं को जन्माष्टमी की बधाई दी और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की तुलना मथुरा के अत्याचारी शासक कंस से कर दी।
इस कार्यक्रम में तारिक रहमान ने हिंदू समुदाय के लोगों से मुलाकात की और पुजारियों व सेवकों को सम्मान-राशि भी बांटी।
कार्यक्रम में शामिल होने पैदल गए तारिक रहमान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री तारिक रहमान सुबह मुख्य अतिथि के तौर पर जन्माष्टमी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बांग्लादेश सचिवालय स्थित अपने कार्यालय से राजधानी के ओस्मानी मेमोरियल ऑडिटोरियम तक पैदल पहुंचे।
तारिक रहमान ने कार्यक्रम में कहा, “मैं बांग्लादेश और दुनिया भर के सभी हिंदुओं और सनातन धर्म को मानने वालों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।”
‘श्री कृष्ण ने बुराई का नाश किया’
भगवान कृष्ण के जन्म की कहानी का ज़िक्र करते हुए, तारिक रहमान ने कहा कि श्री कृष्ण का जन्म लगभग 5,500 साल पहले मथुरा में हुआ था, जब वहाँ अत्याचारी शासक कंस का राज था। उन्होंने कहा, “हिंदू धर्म को मानने वाले लोग मानते हैं कि श्री कृष्ण ने अंततः कंस को हराया, बुराई का नाश किया और धर्म की स्थापना की।”
‘कंस जैसे फासीवादी शासन को गिराने के लिए कुर्बानियाँ दीं’
बांग्लादेश के राजनीतिक हालात से तुलना करते हुए, तारिक रहमान ने आरोप लगाया कि “कंस जैसे” शासक ने जनता को डेढ़ दशक से अधिक समय तक उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित रखा। पूर्व पीएम शेख हसीना का सीधे नाम लिए बिना, उन्होंने कहा कि अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक बैकग्राउंड के लोग एकजुट हुए और उन्होंने उस “कंस जैसे फासीवादी” शासन को गिराने के लिए कुर्बानियाँ दीं।
तारिक रहमान ने कहा, “बांग्लादेश अब फिर से लोकतंत्र की राह पर है। अर्थव्यवस्था में सुधार, निष्पक्ष प्रशासन और बेहतर कानून-व्यवस्था के साथ, अब देश को फिर से बनाने का समय आ गया है।”
‘हम खुद को बांग्लादेशी समझें’
उन्होंने कहा कि हर देश में अलग-अलग धर्मों और विचारों के लोग साथ रहते हैं और नागरिकों से अपील की कि वे खुद को बहुमत और अल्पसंख्यक पहचान के नजरिए से न देखें। उन्होंने कहा, “आइए हम खुद को बहुमत और अल्पसंख्यक न समझें। आइए हम खुद को बांग्लादेशी समझें।”
तारिक रहमान की ओर से यह बात ऐसे समय में कही गई है जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जता रहे हैं।
तारिक रहमान ने इस कार्यक्रम में नौ पुजारियों और सेवायतों को सम्मान राशि भी बांटी। यह सम्मान राशि इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (EFT) के ज़रिए देश भर के पुजारियों और सेवायतों के बैंक खातों में एक साथ भेजी गई। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय शुक्रवार को भगवान श्री कृष्ण का शुभ जन्मदिन मनाएगा।
सांप्रदायिक सद्भाव और शांति की अपील
बांग्लादेशी पीएम ने लोगों से सांप्रदायिक सद्भाव और शांति की अपील की और कहा कि देश को अस्थिर करने और लोगों को भड़काने की कोशिश की जा रही है। साथ ही, उन्होंने दोहराया कि सभी को समान अधिकार प्राप्त हैं और सभी को सुरक्षा का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने हिंदू समुदाय के लोगों से बिना किसी डर और शांति के साथ जन्माष्टमी और आने वाली दुर्गा पूजा मनाने का आग्रह किया और दुर्गा पूजा की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं।
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बांग्लादेश के एक मंत्री ने इस बात की संभावना जताई है कि उनका देश मक्का पैक्ट में शामिल होने पर विचार कर सकता है। अगर ऐसा होता है तो पाकिस्तान, तुर्की और साऊदी अरब के बाद बांग्लादेश इस संगठन का चौथा देश होगा। बांग्लादेश के जूनियर विदेश हुमायूं कबीर ने कहा है, “अगर मिडिल ईस्ट में इस्लामिक देशों के बीच कोई सुरक्षा व्यवस्था है तो हमारे लिए उसमें हिस्सा लेने पर विचार करना कोई अजीब बात नहीं है। इसे पॉजिटिव तरीके से देखा जा रहा है।” पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
