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जाकिर नाइक के इस्लामिस्ट संपर्कों की जांच कर रहा है बांग्लादेश: गृहमंत्री

बांग्लादेश के गृहमंत्री असदुज्जमान खान ने कहा है कि जांचकर्ता बांग्लादेश में नाइक के वित्तीय लेन-देन की जांच भी कर रहे हैं।

Author ढाका | July 9, 2016 5:17 PM
जाकिर नाइक मुंबई आधारित इस्‍लामिक रिसर्च फाउंडेशन का संस्‍थापक है। (फाइल फोटो)

बांग्लादेश की सरकार ने शनिवार (9 जुलाई) को कहा कि वह भारत के विवादास्पद प्रचारक जाकिर नाइक के इस्लामिस्ट संपर्कों की जांच कर रही है और उसके ‘भड़काऊ’ भाषणों पर प्रतिबंध लगाने की संभावनाओं पर भी विचार कर रही है। बांग्लादेशी सरकार ने यह कदम देश में एक हफ्ते में दो बार हुए बर्बर आतंकवादी हमलों के बाद उठाया है जिनमें 25 लोगों की मौत हो गई थी। गृहमंत्री असदुज्जमान खान ने कहा है कि बांग्लादेश की खुफिया एजेंसियां इस इस्लामी प्रचारक की जांच में जुटी हैं। उन्होंने कहा, ‘वह हमारी जांच के घेरे में है। उनके भाषण भड़काऊ मालूम होते हैं इसलिए हमारी खुफिया एजेंसियां उनकी गतिविधियों की जांच कर रही हैं।’

खान ने कहा जांचकर्ता बांग्लादेश में नाइक के वित्तीय लेन-देन की जांच भी कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने साथ में यह भी जोड़ा कि सरकार ने नाइक के ‘पीस टीवी बांग्ला’ पर प्रतिबंध लगाने के बारे में अभी कोई फैसला नहीं लिया है। लेकिन सूचना मंत्री हसनुल हक इनु ने कहा कि नाइक की विवादास्पद तकरीरों के चलते सरकार उनके ‘पीस टीवी बांग्ला’ पर प्रतिबंध लगाने की संभावनाओं पर विचार कर रही है।

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इनु ने कहा, ‘इस मामले में फैसला लेने के लिए हमें कुछ और वक्त की जरूरत है। लेकिन मैं इतना कह सकता हूं कि हमें उनकी तकरीरों में भड़काऊ सामग्री होने की शिकायतें मिल रही है।’ बांग्लादेश के निजी टीवी केबल ऑपरेटरों ने कहा है कि वे नाइक के चैनल के प्रसारण को लेकर सरकार के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं।

बांग्लादेश की समाचार एजेंसी को केबल टीवी मालिकों के संगठन के अध्यक्ष मीर हुसैन अख्तर ने बताया, ‘पहले मैं भी यह चैनल देखा करता था लेकिन गुलशन इलाके में हुए आतंकवादी हमले के बाद मुझे महसूस हुआ कि कई अन्य लोग चैनल को उस नजरिए से नहीं देखते हैं जैसे कि मैं देखता हूं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हम चाहते हैं कि चैनल के प्रसारण को देशभर में रोक दिया जाए। लेकिन सरकार की ओर से इस बाबत कोई अधिसूचना नहीं होने से फिलहाल यह संभव नहीं है।’ बांग्लादेशी दर्शकों के लिए यह चैनल बांग्ला भाषा में भी प्रसारित होता है।

नाइक की तकरीरें ‘पीस टीवी’ पर प्रसारित होती हैं, इस चैनल का संचालन मुंबई की इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन करती है। माना जा रहा है कि ढाका के हमलावरों में से कुछ नाइक की तकरीरों से प्रभावित थे। ब्रिटेन और कनाडा तो कई साल पहले ही नाइक के देश में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा चुके हैं। मलेशिया भी उनके भाषणों को इस डर से प्रतिबंधित कर चुका है कि उनके कारण अंतर-जातीय तनाव भड़क सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि नाइक पर आतंकवाद को खुलेआम बढ़ावा देने का आरोप तो नहीं लगाया जा सकता है लेकिन उनकी तकरीरें की सामग्री भड़काऊ है और कट्टरता को बढ़ावा देती हैं। ढाका के उच्च सुरक्षा वाले गुलशन इलाके में एक जुलाई को हुए आतंकवादी हमले में मारे गए हमलावरों में से एक 22 वर्षीय रोहन इम्तियाज ने इस साल जनवरी में फेसबुक की एक पोस्ट में नाइक की एक तकरीर का हवाला दिया था जिसमें कहा गया था कि ‘हर मुस्लिम को आतंकवादी बन जाना चाहिए।’ देर रात हुए बर्बर हमले में 17 विदेशियों समेत 22 लोगों की मौत हो गई थी। छह दिन बाद आतंकवादियों ने बांग्लादेश में ईद के मौके पर सबसे बड़े आयोजन की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया था और तीन और लोगों की हत्या कर दी थी।

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