बांग्लादेश में एक हिंदू छात्र को अज्ञात लोगों ने पैसों के लिए बंधक बनाकर प्रताड़ित किया। 25 वर्षीय छात्र मंदिर में पुजारी का काम भी करता है। रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार तड़के पुराने ढाका इलाके में सुभाष अपने दोस्तों को सड़क पर बेहोश हालत में मिला, जिसके बाद उसे ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) ले जाया गया।

बीडीन्यूज़24 मीडिया पोर्टल के अनुसार, ढाका के जगन्नाथ विश्वविद्यालय में कानून के छात्र सुभाष देउरी को सोमवार देर रात अज्ञात लोगों ने निशाना बनाया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि सुभाष को उसके धर्म के कारण निशाना बनाया गया था या नहीं। DMCH में पुलिस चौकी के इंचार्ज मोहम्मद फारूक ने बताया कि सुभाष देउरी को मंगलवार सुबह करीब 7 बजे (स्थानीय समय) गंभीर हालत में इमरजेंसी विभाग में भर्ती कराया गया था और अभी उसका इलाज चल रहा है। हालांकि, अभी तक पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

मामले की जांच में जुटी बांग्लादेश की पुलिस

बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के प्रवक्ता काजल देबनाथ ने पीटीआई से कहा, “हमें मामले की जानकारी मिली है और हम इस बारे में पूरी जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या यह सिर्फ लूटपाट का मामला था।” स्थानीय मीडिया के अनुसार, सुभाष देउरी बांग्लादेश की राजधानी ढाका में अपने एक मित्र के साथ किराये के फ्लैट में रहता है। उसके रूममेट दुर्जय साहा ने बताया कि सुभाष सोमवार रात करीब 11:30 बजे किसी काम से घर से निकला था।

परिजनों से मांगी 30 हजार बांग्लादेशी टका की फिरौती

साहा ने कहा, “मुझे उसके फोन से कॉल आया और मुझसे कुछ पैसे भेजने को कहा गया लेकिन मेरे पास पैसे नहीं थे इसलिए मैं नहीं भेज सका।” अज्ञात बदमाशों ने सुभाष देउरी के परिजनों से भी संपर्क किया। उसकी बहन जया ने बीडीन्यूज24 को बताया कि मंगलवार देर रात करीब एक बजे उसे सुभाष के फोन नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने 30,000 बांग्लादेशी टका की फिरौती मांगी। अपहरणकर्ताओं में से एक ने पैसे ट्रांसफर करने के लिए एक फोन नंबर दिया। उस नंबर से जुड़े खाते में 26,000 बांग्लादेशी टका भेजे जाने के बाद सुभाष देउरी को पुराने ढाका इलाके की एक सड़क पर छोड़ दिया गया।

दोस्त दुर्जय साहा ने बताया कि घायल अवस्था में सुभाष ने उन्हें बताया कि बदमाशों ने उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। उन्होंने उसके कपड़े उतरवा दिए और परिवार से पैसे मंगवाने के लिए उसे ब्लैकमेल किया। सुभाष को अस्पताल ले जाने वाले उसके एक दोस्त ने बताया कि उसका मोबाइल फोन और पर्स गायब था।

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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि वह इसी साल अपने मुल्क लौटेंगी। इस बात का ऐलान उन्होंने एनडीटीवी को दिए एक ईमेल इंटरव्यू में कहीं। शेख हसीना को अपने ही देश में मौत की सजा सुनाई गई है। उनके खिलाफ बांग्लादेश में ही कई मुकदमे चल रहे हैं, जहां की पांच बार प्रधानमंत्री रहीं। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें