बांग्लादेश की एक हाई कोर्ट ने इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (ISKCON) के पूर्व नेता चिन्मय कृष्ण दास को रविवार को दो आपराधिक मामलों में जमानत दे दी लेकिन अभी उनकी रिहाई नहीं होगी क्योंकि उनके खिलाफ चार और मामले लंबित हैं। इनमें देशद्रोह और हत्या जैसे गंभीर मामले भी शामिल हैं।

चिन्मय कृष्ण दास के वकील अपूर्व कुमार भट्टाचार्य ने बताया कि हाई कोर्ट ने हत्या की कोशिश, तोड़फोड़ और सरकारी अफसरों के काम में बाधा डालने से जुड़े दो मामलों में दास को जमानत दी है।

जस्टिस के.एम. जाहिद सरवर और जस्टिस शेख अबू ताहेर की बेंच ने दास द्वारा जमानत के लिए दायर की गई दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के बाद जमानत दिए जाने का फैसला सुनाया।

वकील की हत्या से जुड़ा मामला

चिन्मय कृष्ण दास के खिलाफ सबसे गंभीर मामला सरकारी वकील सैफुल इस्लाम अलिफ की हत्या से जुड़ा है। नवंबर, 2024 में दास की गिरफ्तारी के बाद चटगांव और ढाका में हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान अलिफ की हत्या कर दी गई थी। अदालत ने इस मामले में दास और 38 अन्य लोगों पर आरोप तय किए थे।

चिन्मय कृष्ण दास को 25 नवंबर, 2024 को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया। इस मामले में उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था।

चिन्मय कृष्ण दास पहले ISKCON से जुड़े थे लेकिन मौजूदा वक्त में वह बांग्लादेश सम्मिलितो सनातनी जागरण जोते के प्रवक्ता हैं। यह संगठन बांग्लादेश के हिंदू समुदाय का प्रतिनिधित्व करता है।

अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलनों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को कुर्सी छोड़नी पड़ी थी। इसके बाद हिंदू समुदाय पर हमले की कई घटनाएं सामने आई थी। चिन्मय कृष्ण दास ने बांग्लादेश में हिंदू सहित अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग को उठाया था।

चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी को लेकर भारत ने विरोध जताया था और बांग्लादेश में हिंदुओं तथा अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की थी।

यह भी पढ़ें- ‘बांग्लादेश में हिंदू लड़कियों के पास कोई अधिकार नहीं,

बांग्लादेश से निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीन इन दिनों कोलकाता आई हुई हैं। तस्लीमा नसरीन ने मोहम्मद यूनुस के कार्यकाल की आलोचना की और कहा कि उनके शासनकाल में हिंदुओं पर और भी ज्यादा अत्याचार हुए। यहां क्लिक पर पढ़ें पूरी खबर।