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बांग्लादेश: जेएमबी के 5 आतंकियों को सज़ा-ए-मौत, 2015 में की थी जापानी नागरिक की हत्या

न्यायाधीश ने कुनियो होशी की हत्या के मामले में आठ में से दो आरोपियों को बरी कर दिया जबकि एक दोषी फरार है।

Author ढाका | February 28, 2017 10:04 PM
बांग्लादेशी सुरक्षा बल के जवान (File Photo: REUTERS/Mohammd Ponir Hossain)

बांग्लादेश में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जेएमबी के पांच आतंकवादियों को 2015 में हुई 66 वर्षीय जापानी व्यक्ति की निर्मम हत्या के मामले में मंगलवार (28 फरवरी) को मौत की सजा सुनाई गयी। मुस्लिम बहुल इस देश में विदेशियों, हिंदुओं और धर्मनिरपेक्ष या नरमपंथी मुस्लिम सूफियों पर लगातार हमलों की श्रृंखला में यह शुरुआती घटना थी। रंगपुर की विशेष अदालत के न्यायाधीश नोरेश चंद्रा सरकार ने फैसला सुनाते हुये कहा, ‘इन्हें फांसी की सजा दी जाएगी।’ पांच में से चार दोषियों को भारी संख्या में सुरक्षाबलों के घेरे में अदालत कक्ष में लाया गया। न्यायाधीश ने कुनियो होशी की हत्या के मामले में आठ में से दो आरोपियों को बरी कर दिया जबकि एक दोषी फरार है। होशी ने रंगपुर के बाहरी इलाके में ग्रास फार्म स्थापित किया था।

जब होशी तीन अक्तूबर 2015 को अपने ग्रास फार्म जा रहे थे तभी मास्क लगाकर मोटरसाइकिल पर आये जमातुल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के आतंकवादियों ने उस पर कई गोलियां चलाई। आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ने हमलों की जिम्मेदारी ली थी लेकिन सरकार ने इसका खंडन करते हुये कहा था कि इस संगठन की बांग्लादेश में कोई मौजूदगी नहीं है, हालांकि अधिकारियों ने कहा कि जेएमबी का इस्लामिक स्टेट की विचारधारा के प्रति झुकाव है। बांग्लादेश में धर्मनिरपेक्ष कार्यकर्ताओं, धार्मिक अल्पसंख्यकों, ब्लॉगरों और विदेशियों पर कई बार वीभत्स हमले किये गये हैं। इनमें से ज्यादातर की एक अलग तरह के छुरे से हत्या की गयी। पहली जुलाई 2016 को ढाका हमले के बाद से देश में आतंकवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गयी। ढाका हमले में एक भारतीय समेत 22 लोगों की हत्या कर दी गयी थी।

बांग्लादेशः सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखी हूजी आतंकवादी समूह हूजी और उसके दो सहयोगियों की मौत की सजा

बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट ने देश में वर्ष 2004 में किये गये आतंकी हमले के मामले मेेंं हूजी आतंकवादी समूह के प्रमुख और उसके दो सहयोगियों को सुनाई गई फांसी की सजा को आज बरकरार रखा। वर्ष 2004 के इस आतंकी हमले में तत्कालीन ब्रिटिश उच्चायुक्त बाल-बाल बच गये थे लेकिन तीन पुलिसकर्मी मारे गये थे।  मुख्य न्यायमूर्ति सुरेंद्र कुमार सिन्हा के नेतृत्व में अपीलीय डिवीजन की चार सदस्यीय पीठ ने बांग्लादेश में हरकत-उल जिहाद अल इस्लामी (हूजी) के प्रमुख मुफ्ती अब्दुल हन्नान और उसके दो सहयोगियों की ओर से दायर की गई अपीलों को खारिज कर दिया। सिन्हा ने अपने फैसले में कहा कि अपीलों को खारिज कर दिया गया है। अगर तीनों आरोपी फैसले की समीक्षा की अपील दायर नहीं करते हैं तो उन्हें अब कुछ ही महीनों के अंदर फांसी पर लटकाया जा सकता है।

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