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बांग्लादेश में रोअनू चक्रवात से 24 लोगों की मौत

तटीय जिलों दक्षिणपश्चिमी भोला, उत्तरपश्चिमी नोआखली और कॉक्स बाजार में तीन मौतें हुई हैं जबकि तूफान ने तट के पास बने 85 हजार मकानों और कारोबारी प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाया है।

Author ढाका | May 23, 2016 4:51 AM
बांग्लादेश के दक्षिणी तट पर चक्रवात रोअनू के आने से वहां हुई भारी बारिश के बाद सड़कों पर जमा पानी। (AP Photo/ A.M. Ahad)

बांग्लादेश के दक्षिणी तट पर चक्रवात रोअनू के आने और भूस्खलन होने के कारण कम से कम 24 लोग मारे गए और 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। अधिकारियों ने लगभग पांच लाख लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। 88 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ चक्रवात बरीसाल-चटगांव क्षेत्र से टकराया।

इसका असर देश के अन्य हिस्सों में भी महसूस किया गया। कई जगहों पर बारिश हुई और कई जगहों पर आंधी और तेज हवाओं के साथ छींटे पड़े। बांग्लादेश के आपदा प्रबंधन विभाग के महानिदेशक रियाज अहमद ने बताया कि मृतकों की संख्या 24 है। अहमद ने कहा कि 11 लोगों की मौत उत्तर-पश्चिमी पत्तन शहर चटगांव में हुई। चक्रवात से सबसे ज्यादा यही क्षेत्र प्रभावित हुआ है।

तटीय जिलों दक्षिणपश्चिमी भोला, उत्तरपश्चिमी नोआखली और कॉक्स बाजार में तीन मौतें हुई हैं जबकि तूफान ने तट के पास बने 85 हजार मकानों और कारोबारी प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाया है। अधिकारियों ने कहा कि कई पीड़ित भूस्खलन के सैलाब के साथ पानी में बह गए। इस दौरान कितने ही मकान और जड़ों से उखड़ चुके पेड़ भी इस बहाव में आ मिले, जिसके कारण कई लोग मारे गए।

चटगांव के बनस्खली पुलिस चौकी के प्रभारी ने कहा कि सात लोग भूस्खलन की चपेट में आने पर मारे गए।आपदा प्रबंधन मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि लगभग पांच लाख लोगों को निकालकर चक्रवात आश्रय स्थलों पर रखा गया है। 21 लाख अन्य लोगों को बचाने की तैयारी की जा चुकी है। मौसम विज्ञानियों ने कहा कि चक्रवात पहले दक्षिण पश्चिमी तट पर आया और फिर यह दक्षिण पूर्व की ओर मुड़कर समुद्र की दिशा में बढ़ता हुआ बेहद उग्र हो गया।

चटगांव के शाह अमानत अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे ने रोआनू के कारण अपनी सभी उड़ानों का संचालन निलंबित कर दिया है। बांग्लादेश बंगाल की खाड़ी के शीर्ष पर त्रिभुजीय स्थान पर स्थित होने की वजह से चक्रवातों के लिहाज से संवेदनशील है। साल 1970 में और 1991 में यहां भीषण चक्रवात आए थे, जिनमें क्रमश: पांच लाख और लगभग 1.4 लाख लोग मारे गए थे।

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