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सभी के लिए प्रेरक है भारतीय महिला शांतिरक्षक टुकड़ी : बान

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता ने कहा, ‘इबोला महामारी के दौरान भी अपने साहसी प्रदर्शन, पेशेवर अंदाज और अनुशासन के बलबूते इन बहादुर महिलाओं ने लाइबेरिया की सरकार और वहां की जनता दोनों का ही सम्मान पाया।’

Author संयुक्त राष्ट्र | February 13, 2016 9:48 PM
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून (फाइल फोटो)

लाइबेरिया में तैनात ‘भारतीय महिला शांतिरक्षक टुकड़ी’ को सभी के लिए प्रेरणा बताते हुए संयुक्त राष्ट्र प्रमुख बान की मून ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि उनके व्यवहार ने यह उदाहरण पेश किया है कि किस तरह से महिलाएं यौन शोषण और यौन उत्पीड़न के मुकाबले को लेकर विश्व संस्था के प्रयासों में उसकी मदद कर सकती हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता ने कहा, ‘इबोला महामारी के दौरान भी अपने साहसी प्रदर्शन, पेशेवर अंदाज और अनुशासन के बलबूते इन बहादुर महिलाओं ने लाइबेरिया की सरकार और वहां की जनता दोनों का ही सम्मान पाया।’

एक सौ पचीस महिलाओं और सहायक कर्मियों का यह दल इस हफ्ते भारत लौटेगा। बयान के अनुसार, बान ने ‘फॉर्म्ड पुलिस यूनिट’ (एफपीयू) के योगदान की तारीफ की, जिसने सुरक्षा परिषद के अनुमोदन के मुताबिक, 30 जून, 2016 तक लाइबेरिया के पूर्णरूप से सुरक्षा जवाबदेही संभालने को लेकर देश में माहौल तैयार करने में मदद पहुंचाई। बान ने कहा कि अपने काम के जरिए वे अपराध, यौन और लैंगिक हिंसा में कमी लाने में सफल रहीं और देश की आबादी के बीच सुरक्षा और आत्मविश्वास को फिर से सुनिश्चित करने में मदद की।

बान ने इस बात पर जोर दिया कि एफपीयू ने अपनी सेवा के दौरान अपने व्यवहार से यह उदाहरण पेश किया कि यौन शोषण और यौन उत्पीड़न के मुकाबले में संयुक्त राष्ट्र के प्रयास में किस तरह से अधिक संख्या में महिला सुरक्षाकर्मी उसकी मदद कर सकती हैं। महासचिव ने सभी लाइबेरियावासियों और लैंगिक सामनता के मामले में प्रेरक बनीं एफयूपी में सेवारत सभी महिलाओं सहित मौजूदा और भविष्य की महिला पुलिस अधिकारियों की पीढ़ी का शुक्रिया अदा करते हुए संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के समर्थन में भारत सरकार के अभूतपूर्व योगदान पर आभार जताया।

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