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बलूचिस्तान में आतंकवाद-अशांति के लिए भारत जिम्मेदार: बलूचिस्तान के सीएम

जेहरी ने कहा, ‘सरकार और बलूचिस्तान के लोगों ने प्रांत की स्थिति पर मोदी के बयान को सिरे से खारिज कर दिया है।’
Author कराची | August 15, 2016 20:36 pm
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (पीटीआई फाइल फोटो)

पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस कथन को खारिज कर दिया है कि उनके प्रांत में दमन हो रहा है। साथ ही, उन्होंने भारत पर वहां संकट पैदा करने का आरोप लगाया। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री नवाब सनाउल्ला जेहरी ने रविवार (14 अगस्त) को यह टिप्पणी की। इसके पहले मोदी ने पिछले हफ्ते कश्मीर मुद्दे पर एक सर्वदलीय बैठक में कहा था कि हमारे पड़ोसी देश द्वारा बलूचिस्तान और इसके कथित कब्जे वाले जम्मू कश्मीर के इलाकों में किए अत्याचारों का खुलासा करने का वक्त आ गया है। पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रांत की राजधानी क्वेटा में एक समारोह को संबोधित करते हुए जेहरी ने कहा कि बलूचिस्तान और कश्मीर के बीच कोई तुलना नहीं है।

जेहरी ने कहा, ‘सरकार और बलूचिस्तान के लोगों ने प्रांत की स्थिति पर मोदी के बयान को सिरे से खारिज कर दिया है।’उन्होंने कहा कि भारतीय गुप्तचर एजेंसी के प्रभाव में आकर मुट्ठी भर बदमाश बलूचिस्तान में शांति विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं। बलूचिस्तान के लोग वफादार और देशभक्त हैं, वे पाकिस्तान से प्रेम करते हैं और देश के दुश्मनों के नापाक मंसूबों को कभी कामयाब नहीं होने देंगे।
जेहरी ने बलूचिस्तान में अशांति के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि भारतीय नौसेना के सेवारत अधिकारी की गिरफ्तारी पाकिस्तान के दावे को सही ठहराता है। जेहरी ने आरोप लगाया, ‘बलूचिस्तान में आतंकवाद, चरमपंथ और शांति विरोधी गतिविधियों के पीछे भारत का हाथ है।’

जेहरी ने कहा कि बलूचिस्तान की स्थिति कश्मीर से बहुत अलग है जहां के बारे में उन्होंने दावा किया कि लोग भारत और भारतीय सशस्त्र बलों से आजादी चाहते हैं। उन्होंने कहा, ‘लेकिन बलूचिस्तान में, लोग देश के कानूनी ढांचे के दायरे में रहना चाहते हैं।’ जेहरी ने कहा कि बलूचिस्तान में आजादी के लिए कोई लड़ाई नहीं है क्योंकि सिर्फ कुछ ही गुमराह युवक प्रांत में आतंकवाद और शांति विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने आज (सोमवार, 15 अगस्त) अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में बलूचिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए अत्याचारों का भी जिक्र किया। गौरतलब है कि यह पहला मौका है जब पाकिस्तान के नियंत्रण वाले अशांत इलाकों का किसी प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के भाषण में जिक्र किया है।

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