ताज़ा खबर
 

Bacha Khan University attack की आंखोंदेखी: पिस्‍टल थामे आतंकियों से मोर्चा लेते शहीद हुआ केमेस्‍ट्री लेक्‍चरर

प्रत्‍यक्षदर्शियों के हवाले से मिली जानकारी से पता चलता है कि आतंकियों के हमले के बाद एक टीचर ने न केवल स्‍टूडेंट्स को बचाया, बल्‍क‍ि उनसे मोर्चा लेने के लिए हथियार भी उठाया।

Author चारसद्दा (पेशावर) | January 20, 2016 15:51 pm
Bacha Khan University attack हमले में मारे गए केमेस्‍ट्री के टीचर हामिद सात रिसर्च पेपर्स लिख चुके थे।

पाकिस्‍तान के खैबर पख्‍तूनवा प्रांत स्‍थ‍ित बाचा खान यूनिवर्सिटी पर बुधवार सुबह कुछ हथियारबंद आतंकियों ने हमला बोल दिया। इसमें दर्जनों लोग मारे गए। मारे गए लोगों में स्‍टूडेंट्स और टीचर, दोनों ही शामिल हैं। प्रत्‍यक्षदर्शियों के हवाले से मिली जानकारी से पता चलता है कि आतंकियों के हमले के बाद एक टीचर ने न केवल स्‍टूडेंट्स को बचाया, बल्‍क‍ि उनसे मोर्चा लेने के लिए हथियार भी उठाया। यूनिवर्सिटी में जियोलॉजी के स्‍टूडेंट जहूर अहमद ने डॉन न्‍यूज से बातचीत में बताया कि गोलीबारी की आवाज सुनने के बाद उसने हॉस्‍टल से निकलने की कोशिश की, लेकिन उनके केमेस्‍ट्री टीचर ने उन्‍हें बाहर आने से रोक लिया। जहूर ने बताया, ”हमें हमारे केमेस्‍ट्री लेक्‍चरर ने रोका, जिन्‍होंने हमें अंदर जाने के लिए कहा। उन्‍होंने अपने हाथ में पिस्‍टल पकड़ रखी थी। तभी मैंने देखा कि एक गोली आकर उन्‍हें लगी। मैंने देखा कि दो आतंकी गोलियां बरसा रहे हैं। मैं अंदर की ओर भागा। इसके बाद किसी तरह पिछली दीवार फांदकर भाग निकला। ”

हमले का UPDATE पढ़ें 

सात रिसर्च पेपर्स लिख चुके थे केमेस्‍ट्री टीचर हामिद
मारे गए लोगों में प्रोफेसर सैयद हामिद हुसैन भी शामिल हैं। एआरवाई न्‍यूज के मुताबिक, उनके सात रिसर्च पेपर पब्‍ल‍िश हो चुके थे। उन्‍होंने ऑर्गेनिक केमेस्‍ट्री का एक्‍सपर्ट माना जाता था। खैबर पख्‍तूनवा प्रांत के प्रशासन ने भी हामिद के मारे जाने की पुष्‍ट‍ि की है। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि जहूर अहमद ने खुद को बचाने वाले जिस केमेस्‍ट्री टीचर के बारे में बताया, वो हामिद ही थे।

और क्‍या बताया प्रत्‍यक्षदर्शियों ने

>डॉन न्‍यूज से एक स्‍टूडेंट ने बताया कि इमारत में घुसने वाले हमलावर उनके ही तरह युवा थे। स्‍टूडेंट ने बताया, ”वे हमारे ही तरह थे। वे काफी युवा थे। उन्‍होंने एके 47 हथियार थाम रखी थी। उन्‍होंने सेना के लोगों की तरह जैकेट्स पहन रखे थे। हम हॉस्‍टल में सोए हुए थे क्‍योंकि हमारी क्‍लासेज नहीं थीं। फिलहाल यूनिवर्सिटी में क्‍लासेज नहीं चल रही हैं, इसलिए हॉस्‍टल में 200 से 300 स्‍टूडेंट्स थे। हमलावरों और सुरक्षाबलों के बीच फायरिंग हो रही थी। जब सब कुछ खत्‍म हो गया तो आर्मी ने अमारे कमरों पर दस्‍तक दी और बताया कि हम सुरक्षित हैं।”

>यूनिवर्सिटी से बचकर निकलने वाले एक प्रत्‍यक्षदर्शी ने बताया कि हमलावरों ने स्‍कूल के एंट्री प्‍वाइंट्स पर पोजिशन ले रखी थी। उसने बताया, ”मैंने देखा कि तीन हमलावर यूनिवर्सिटी के सुरक्षाबलों के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए हैं। एक ने छत पर पोजिशन ले रखी थी, दूसरे ने कोने ने जबकि तीसरा दीवार के करीब था। हमने यूनिवर्सिटी के सुरक्षा गार्ड्स को बचाया, इसके बाद हमने देखा कि हमलावरों ने पुलिस पार्टी पर हमला किया है।”

इंग्‍लिश डिपार्टमेंट के लेक्‍चरर शब्‍बीर खान ने बताया कि जब फायरिंग शुरू हुई तो बहुत सारे स्‍टूडेंट और स्‍टाफ क्‍लास में थे। शब्‍बीर ने कहा, ”हम यह नहीं समझ पाए कि क्‍या चल रहा है। हालांकि, मैंने एक सुरक्षाकर्मी को यह कहते हुए सुनाओ कि बहुत सारे लोग मारे गए हैं और घायल भी हुए हैं।”

हमले के PHOTOS देखें: 

Terror Attack in Pakistan: मुशायरे के दौरान गूंजी धमाकों और फायरिंग की आवाजें, पसरा मातम

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App