ऑस्ट्रेलिया के पीएम एंथनी अल्बानीज ने बुधवार को अपने देश को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले महीने चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि नेशनल कैबिनेट ने सोमवार को नेशनल फ्यूल सिक्योरिटी प्लान को मंजूरी दी। अगर लंबे समय के ईंधन की सप्लाई में गंभीर परेशानी आती है तो यह प्लान ऑस्ट्रेलियाई लोगों की मदद करेगा।

उन्होंने कहा, “आने वाले महीने आसान नहीं हो सकते। मैं इस बारे में पूरी तरह से स्पष्ट तरीके से बात करना चाहता हूं। कोई भी सरकार इस युद्ध की वजह से उपजे हालातों को पूरी तरह खत्म करने का वादा नहीं कर सकती। मैं यह वादा कर सकता हूं कि ऑस्ट्रेलिया को इसके सबसे बुरे असर से बचाने के लिए हम हर संभव कोशिश करेंगे। ये अनिश्चित समय है, लेकिन मुझे इस बात का पूरा यकीन है। हम इन वैश्विक चुनौतियों का सामना ‘ऑस्ट्रेलियाई तरीके’ से करेंगे – यानी मिलकर काम करते हुए और एक-दूसरे का ख्याल रखते हुए।”

‘ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती’

इस दौरान उन्होंने एक्साइज ड्यूटी में कटौती का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बुधवार से फ्यूल पर एक्साइज ड्यूटी आधी की जा रही है। अब हर एक लीटर पेट्रोल पर 26 सेंट (करीब 16 से 17 रुपये) की कटौती की जाएगी। ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कह कहा कि ये दोनों फैसले अब अगले तीन महीनों तक लागू रहेंगे। उन्होंने कहा कि हम ईंधन के दाम नीचे लाने, यहीं ज्यादा ईंधन बनाने, उसे यहीं रखने और यहां और अधिक ईंधन उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहे हैं।

‘ऑस्ट्रेलिया का युद्ध से कोई लेना देना नहीं’

एंथनी अल्बानीज ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध का ऑस्ट्रेलिया से कोई लेना देना नहीं है लेकिन उनके देश के नागरिक इसकी वजह से परेशान हैं।

उन्होंने कहा, “मेरे साथी ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों, स्वभाव से हम एक आशावादी देश हैं। लेकिन मैं समझता हूं कि इस समय सकारात्मक रहना मुश्किल है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इतिहास की सबसे बड़ी बढ़ोतरी हुई है। ऑस्ट्रेलिया इस युद्ध में सीधे तौर पर शामिल नहीं है, लेकिन इसकी वजह से सभी ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को ज्यादा कीमतें चुकानी पड़ रही हैं। मुझे पता है कि आप पेट्रोल पंप और सुपरमार्केट, दोनों जगहों पर इस स्थिति का सामना कर रहे हैं।”

अपने संबोधन में उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि युद्ध की वजह से खड़ी हुई आर्थिक दिक्कतें कई महीनों तक ऑस्ट्रेलिया को आर्थिक तरीके से परेशान करेंगी। एंथनी अल्बानीज ने अपने देश के लोगों से अपील की कि वे जरूरत से ज्यादा ईंधन न लें। अपनी गाड़ियों में उतना ही पेट्रोल भरवाएं जितना आप आम तौर पर भरवाते हैं और अपने देश के दूसरे लोगों के बारे में भी सोचें।

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