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भूकंप ने मचाई तबाही: पाक में 228 और अफगानिस्तान में 63 लोगों की मौत

सोमवार को आए जबरदस्त भूकम्प से उत्तर भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान दहल उठा। रिक्टर स्केल पर भूकम्प की तीव्रता 7.5 मापी गई। भूकम्प का केंद्र अफगानिस्तान में हिंदूकुश पर्वत श्रेणी था। यह दोपहर करीब दो बजकर 40 मिनट पर आया।

Author नई दिल्ली/श्रीनगर/इस्लामाबाद/काबुल | October 27, 2015 8:26 AM
पाकिस्तान के पेशावर के एक अस्पताल में सोमवार को भूकम्प में घायल हुई अपनी बेटी के इंतजार में बैठी एक मां। (फोटो: एपी)

सोमवार को आए जबरदस्त भूकम्प से उत्तर भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान दहल उठा। रिक्टर स्केल पर भूकम्प की तीव्रता 7.5 मापी गई। भूकम्प का केंद्र अफगानिस्तान में हिंदूकुश पर्वत श्रेणी था। यह दोपहर करीब दो बजकर 40 मिनट पर आया। भूकम्प से पाकिस्तान में 228 लोगों, अफगानिस्तान में 63 लोगों और भारत में अभी तक चार लोगों के मारे जाने की खबर है। भूकम्प से भारत में जम्मू कश्मीर, दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर), पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, और राजस्थान दहल गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति से फोन पर बात कर सहायता की पेशकश की।

जम्मू कश्मीर में महसूस किए गए 7.5 तीव्रता वाले भूकम्प के झटकों से दो बुजुर्ग महिलाओं की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। वहीं बारामुला जिले के सोपोर में भूकम्प के बाद सेना का एक बंकर ढह जाने से दो सैन्यकर्मी घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि वहां सेना की एक टुकड़ी डेरा डाले हुई थी। बंकर ढहने से दो सैनिक घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। श्रीनगर के बीचों बीच जहांगीर चौक पर स्थित फ्लाईओवर में दरार पड़ गई। इस वजह से अधिकारियों को उस पर यातायात रोकना पड़ा।

राष्ट्रीय राजधानी में धरती हिलते ही लोग अपने-अपने घरों से बाहर दौड़े। दिल्ली मेट्रो की ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया। इसकी सेवाएं 15 मिनट के बाद बहाल हुईं। उत्तराखंड में भूकम्प के झटके मसूरी, देहरादून, हरिद्वार, रूड़की और ऋषीकेश में महसूस किए गए। इसके बाद लोग अपने घरों और कार्यालयों से बाहर निकल आए। आपदा प्रबंधन और मिटीगेशन केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में कहीं से भी जान माल का नुकसान होने की खबर नहीं है। बाद के हल्के झटके भी पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में महसूस किए गए। भूकम्प की वजह से संचार सेवाएं कुछ देर के लिए बाधित हुईं। पश्चिम उत्तर प्रदेश में भूकम्प के हल्के झटके महसूस किए गए। मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्त ने बताया कि राज्य के कुछ जिलों में हल्के झटके महसूस किए गए। वहीं राजस्थान के अधिकारियों के मुताबिक जयपुर, जोधपुर सहित राज्य के कुछ हिस्सों में झटके महसूस किए गए।

PHOTOS: भूकंप से पाकिस्तान में मची तबाही, देखें तस्वीरें…

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की शाखा राष्ट्रीय भूगर्भ विज्ञान केंद्र के मुताबिक भूकम्प का केंद्र हिंदूकुश पर्वत श्रेणी में 190 किलोमीटर की गहराई में था। भूकम्प के मामले में यह एक अधिक संवेदेशनशील क्षेत्र माना जाता है। वहीं यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक भूकम्प का केंद्र उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान में जुर्म के पास था और 213.5 किलोमीटर की गहराई पर आया। यह जगह राजधानी काबुल से 250 किलोमीटर दूर है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जबरदस्त भूकम्प के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को फोन किया और लोगों की जान जाने पर संवेदना जताई और सहायता की पेशकश की। मोदी ने ट्वीट किया, ‘प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से बात की और के भूकम्प चलते लोगों की जान जाने पर संवेदना जाहिर की। भारत से हर संभव सहायता की पेशकश की।’ मोदी ने सोमवार शाम ट्वीट किया, ‘बिहार से लौटा हूं।

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद से बात की और दुर्भाग्यपूर्ण भूकम्प की वजह से बने हालात का जायजा लिया।’ उन्होंने लिखा, ‘मैंने अभी राष्ट्रपति अशरफ गनी से बात की और भूकम्प से हुए नुकसान पर मेरी ओर से सहानुभूति और संवेदना प्रकट की।’ उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘राष्ट्रपति अशरफ गनी ने मुझसे नुकसान के अपने आंतरिक आकलन को साझा किया। मैंने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।’

मोदी के मुताबिक गनी ने उन्हें बताया कि भूकम्प की वजह से एक स्कूली इमारत गिर गयी और कुछ बच्चे मारे गए। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मुझे यह सुनकर बहुत दुख हुआ। जब राष्ट्रपति गनी मुझे स्कूल के बारे में बता रहे थे तो मेरा दिमाग 2001 में कच्छ के अंजार में आई इसी तरह की आपदा की ओर चला गया। बहुत बुरा लगा।’

भूकम्प से पाकिस्तान का उत्तरी हिस्सा दहल उठा। भूकम्प में 132 लोगों के मारे जाने और 13 सौ से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। प्रभावित इलाकों में राहत अभियान के लिए सेना को तैनात किया गया है। कराची, लाहौर, इस्लामाबाद, रावलपिंडी, पेशावर, क्वेटा, कोहाट, और मालाकंड समेत पाकिस्तान के प्रमुख शहरों में भूकम्प का झटका महसूस किया गया। सेना के मुताबिक सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ खैबर पख्तूनख्वा की राजधानी पेशावर के लिए रवाना हो गए हैं, वहां वह बचाव अभियान की निगरानी करेंगे। भूकम्प के बाद सभी सरकारी अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित कर दी गई है। प्रभावित इलाकों में जरूरी वस्तुएं भेज दी गई हैं। पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन की भी जानकारी सामने आ रही है। इससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सभी संघीय, नागरिक, सैन्य और प्रांतीय एजंसियों को निर्देश दिया है कि तत्काल अलर्ट घोषित किया जाए और सभी संसाधनों को एकसाथ लाया जाए ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

पाकिस्तान के पड़ोसी अफगानिस्तान में भूकम्प से करीब 31 लोग मारे गए। इनमें तखर प्रांत के एक स्कूल की 12 छात्राएं शामिल हैं। ये छात्राएं स्कूल की ढहती इमारत से भागते समय मची भगदड़ में मारी गईं। इस हादसे में 35 छात्राएं घायल हो गईं। अफगानिस्तान के मुख्य कार्यकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने कहा, ‘शुरुआती रिपोर्ट से बदख्शांं, तखर, नांगरहार, कुनार और राजधानी काबुल सहित दूसरे क्षेत्रों में जान माल की भारी क्षति होने का पता चला है।’ अधिकारियों ने कहा कि देश में कम से कम 31 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।

मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है। अब्दुल्ला ने कहा, ‘सही संख्या का पता नहीं चल रहा क्योंकि फोन लाइन बंद पड़ रहे हैं। कई इलाकों में संचार टूट गया है।’ उन्होंने कहा कि सरकार ने सहायता एजंसियों से राहत उपलब्ध कराने के लिए कहा है। बदख्शां के गर्वनर के मुताबिक वहां 15 सौ घरों के क्षतिग्रस्त या नष्ट होने की खबर है।

सोमवार को आए भूकम्प का केंद्र अक्तूबर 2005 में आए 7.6 तीव्रता के भूकम्प से कुछ सौ किलोमीटर दूर है। 2005 में आए भूकम्प में 75 हजार लोग मारे गए थे और 35 लाख लोग विस्थापित हुए थे।

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