ताज़ा खबर
 

थाईलैंड: स्कूल छात्रावास में आग लगने से 18 छात्राओं की मौत

जिन लड़कियों की मौत हुई है, उनकी उम्र पांच से 12 साल के बीच है। इस छात्रावास में 38 छात्राएं रह रही थीं, जब आग लगी, तब इनमें से ज्यादातर लड़कियां सो रही थीं।

Author बैंकाक | May 23, 2016 11:21 PM
उत्तरी थाइलैंड में पहाड़ी आदिवासियों के बच्चों के लिए खुले एक निजी स्कूल के छात्रावास में आग लग जाने के कारण कम से कम 18 छात्राओं की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गर्इं। (Photo: Google Map)

उत्तरी थाइलैंड में पहाड़ी आदिवासियों के बच्चों के लिए खुले एक निजी स्कूल के छात्रावास में आग लग जाने के कारण कम से कम 18 छात्राओं की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गर्इं। चियांग राय प्रांत स्थित विथक्किआर्ट वित्थया स्कूल की दोमंजिला इमारत में देर रात आग लग जाने पर पांच लड़कियां घायल हो गर्इंं। जिन लड़कियों की मौत हुई है, उनकी उम्र पांच से 12 साल के बीच है। इस छात्रावास में 38 छात्राएं रह रही थीं, जब आग लगी, तब इनमें से ज्यादातर लड़कियां सो रही थीं। इसकी वजह से वे आग से बचकर भाग नहीं पार्इं। ये लड़कियां चियांग राय और चियांग माय के पहाड़ी इलाका स्थित गांवों में रहने वाले आदिवासी समुदायों से आती हैं। ये शहर में पढ़ने के लिए आई थीं।

अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के बाद कुछ ही बच्चियों को बचाया जा सका जबकि बाकी अंदर ही फंसी रहीं।सूत्रों के अनुसार, चियांग राय के प्रमुख आपदा शमन अधिकारी सावांग मोमदी ने कहा कि आपदा शमन अधिकारियों, बचावकर्मियों और पुलिस ने इस छात्रावास को पूरी तरह छान डाला ताकि लापता लड़कियों का पता लगाया जा सके। दमकलकर्मियों को आग पर काबू पाने में तीन घंटे लगे। उन्होंने लकड़ी की इस इमारत की दूसरी मंजिल की खिड़की से जीवित लड़कियों को और शवों को निकाला।

HOT DEALS
  • Honor 7X 64GB Blue
    ₹ 15445 MRP ₹ 16999 -9%
    ₹0 Cashback
  • Lenovo Phab 2 Plus 32GB Gunmetal Grey
    ₹ 17999 MRP ₹ 17999 -0%
    ₹0 Cashback

शवों को पहचान के लिए अस्पताल भेजा गया। वैज्ञानिक अपराध पहचान विभाग के अधिकारी आग के कारणों की जांच कर रहे हैं। थाइलैंड को पहाड़ों पर रहने वाले आदिवासी समुदायों का घर माना जाता है। यह समुदाय मुख्यत: लाओस और म्यांमा की सीमा से सटे सुदूर उत्तरी इलाके में रहते हैं। इस देश में स्वास्थ्य और सुरक्षा के मानक संतोषजनक नहीं हैं जिनके कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App